पुलिस की त्वरित कार्रवाई, पीड़िता सकुशल बरामद
महिला संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस ने नाबालिग से जुड़े एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
परिजनों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
शिकायत में बताया गया था कि नाबालिग बालिका घर से बिना बताए चली गई थी और वापस नहीं लौटी थी।
तुरंत गठित हुई पुलिस टीम
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम गठित की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में टीमों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
दो आरोपी गिरफ्तार, पीड़िता सुरक्षित
पुलिस टीम ने त्वरित जांच और सघन तलाश के बाद दोनों आरोपियों-
- कृष्णा भट्ट
- विमल रावत
को लंगासू, जनपद चमोली से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद किया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मेडिकल और बयान के बाद बढ़ाई गई धाराएं
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों द्वारा होटल में ले जाकर नशीला पदार्थ देने और दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई है।
इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) और पॉक्सो एक्ट की धाराएं 3/4/5(जी)/6 जोड़ी गई हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई
पौड़ी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- BNS धारा 70(2): यदि सामूहिक बलात्कार की शिकार महिला 18 वर्ष से कम उम्र की है, तो अपराधियों को मृत्युदंड या शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास की सजा मिल सकती है।
- POCSO एक्ट धारा 3/4/5(g)/6: ये धाराएं बच्चे के साथ यौन हमला (Sexual Assault), गंभीर यौन हमला, और 16 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ सामूहिक यौन हमले के लिए न्यूनतम 20 साल से लेकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक का प्रावधान करती हैं।

















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