रुद्रप्रयाग जिले में वायरल हुए एक कथित अशोभनीय वीडियो मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 11 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 6 नाबालिग हैं।
पुलिस ने सभी के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही इस प्रकरण से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
मामला कैसे शुरू हुआ
पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक आपत्तिजनक वीडियो को उनकी बेटी से जोड़कर फैलाया जा रहा है, जबकि वह वीडियो उनकी बेटी का नहीं है।
शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 (महिला का अपमान / निजता का उल्लंघन) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67A (इलेक्ट्रॉनिक रूप में आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में निकली सच्चाई
एसपी अक्षय कोंडे ने बताया कि यह मामला एक गलत और भ्रामक दावे के तहत वायरल हुआ था। किसी व्यक्ति ने “स्थानीय युवती” बताकर इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया था।
जांच में सामने आया कि यह वीडियो वर्ष 2023 में अपलोड हुआ था और हैदराबाद से संबंधित है, जिसका रुद्रप्रयाग या उत्तराखण्ड से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस ने जांच के दौरान चार व्हाट्सएप ग्रुपों की पहचान की, जिन पर यह वीडियो साझा किया गया था। इन ग्रुपों के एडमिनिस्ट्रेटर पर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांच में सामने आए 11 व्यक्तियों में से छह नाबालिग हैं। इन पर बाल न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। अन्य संदिग्धों की पहचान और पूछताछ जारी है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
रुद्रप्रयाग पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि, “किसी भी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाने या अपमान करने के उद्देश्य से कोई भी आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
















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