15 साल बाद शुरू होगा प्रथम चरण
ऊखीमठ : कालीमठ घाटी के ग्रामीणों की अराध्य भगवती चामुण्डा देवी की आगामी 24 अगस्त से 15 वर्षो बाद शुरू होने वाली प्रथम चरण की केदारनाथ दिवारा यात्रा की सभी तैयारिया पूरी कर ली गयी है।
प्रथम चरण की दिवारा यात्रा के सफल आयोजन के लिए चौमासी, जाल मल्ला, जाल तल्ला, चिलौण्ड व खोन्नू के ग्रामीणों को जिम्मेदारियां सौंप दी गयी है।
चामुण्डा देवी दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सत्कारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक मे प्रथम चरण की दिवारा को भव्य रूप देने व दिवारा यात्रा के निर्विघ्न सम्पन्न होने के लिए अनेक प्रस्ताव पारित किये गये।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 24 अगस्त से शुरू होने वाली भगवती चौमुण्डा देवी की दिवारा यात्रा का शुभारंभ विशेष पूजा – अर्चना व वेद ऋचाओं के साथ भगवती की तपस्थली चौरा मन्दिर से होगा तथा भगवती चामुण्डा कि दिवारा यात्रा पंचगाई गांवो का भ्रमण कर ग्रामीणों को आशीर्वाद देगी।
पंचगाई गांव का भ्रमण करने के बाद दिवारा यात्रा केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी तथा कोटि माहेश्वरी, रूच्छ महादेव, सिद्धपीठ कालीमठ, नारायणकोटी, मैखण्डा, शिव – पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण, भगवती गौरा की तपस्थली गौरीकुंड सहित अनेक तीर्थों का भ्रमण करने के बाद आगमी 7 सितम्बर को केदारनाथ धाम पहुंचेगी तथा केदारनाथ धाम मे तीर्थ दर्शन व तीर्थ स्नान करने के बाद दिवारा यात्रा की वापसी होगी।
दिवारा यात्रा केदारनाथ धाम से वापसी के दौरान केदार घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर भक्तों व धियाणियों को आशीर्वाद देगी तथा प्रथम चरण की दिवारा यात्रा के समापन के बाद भगवती चामुण्डा देवी अपने भण्डार गृह जाल मल्ला में विराजमान होगी तथा अगले वर्ष द्वितीय चरण की दिवारा यात्रा का शुभारंभ होगा।
समिति द्वारा निर्णय लिया कि दिवारा यात्रा के केदारनाथ भ्रमण के दौरान रात्रि प्रवास की तिथियां आगामी दिनों में घोषित की जायेगी। 23 अगस्त तक भगवती चामुण्डा की तपस्थली चौरा मन्दिर को भव्य रूप से सजाया जायेगा।
इस मौके पर उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह तिन्दोरी, सचिव तीरथ सिंह राणा, कोषाध्यक्ष योगम्बर सिंह रावत, सलाहकार रामचन्द्र सिंह राणा, संरक्षक कृपाल सिंह राणा, पण्डित ओम प्रकाश भट्ट, प्रधान जाल मल्ला त्रिलोक राणा, जाल तल्ला प्रदीप राणा, चिलौण्ड बीरबल सिंह राणा, कमल तिन्दोरी, दिनेश सत्कारी सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य व पंचगाई के ग्रामीण मौजूद थे।

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