- जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश
- अतिवृष्टि से प्रभावितों को तत्परता से किया गया रेस्क्यू, निरंतर जारी है राहत एवं बचाव कार्य
जनपद रुद्रप्रयाग में विगत रात्रि से हुई अतिवृष्टि के चलते तालजामण क्षेत्र में 4 से 5 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई।
सौभाग्यवश इन मकानों में प्राकृतिक आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए प्रभावित परिवारों को नजदीकी प्राथमिक विद्यालय में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है।
वहां रहने और खाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था की जा रही है, प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों सहित क्षेत्रीय पटवारियों की तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए है कि चार डॉक्टरों सहित मेडिकल टीम को तुरन्त मौके के लिए रवाना किया जाए तथा ये टीम लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी और तीन दिनों तक घटना स्थल पर ही मौजूद रहेगी।

छेनागाढ़ में भी त्वरित रेस्क्यू अभियान शुरू
छेनागाढ़ क्षेत्र में 8 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने सूचना मिलते ही त्वरित निर्णय लेते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्थानीय प्रशासनिक बलों को मौके पर भेज दिया है। रेस्क्यू अभियान पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है।
इसी प्रकार, जखोली क्षेत्र में एक महिला के हताहत होने की सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र में राहत और बचाव दल को तत्काल रवाना कर दिया गया है।
यातायात और पशुधन के लिए भी सक्रिय हुआ प्रशासन
जिलाधिकारी द्वारा जनपद में बंद सड़कों को खोलने के लिए अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) को तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं, जिन स्थानों पर पशु मलबे में फंसे हुए हैं वहां पर जेसीबी शीघ्र पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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