1.32 करोड़ खर्च के बाद भी सड़क बदहाल
ऊखीमठ क्षेत्र में कोल्लू बैंड–स्वारी ग्वास मोटर मार्ग की हालत इन दिनों बेहद खराब हो गई है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2022–23 में इस सड़क के डामरीकरण और विस्तारीकरण पर
करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद मार्ग की स्थिति जर्जर बनी हुई है।
जगह-जगह गड्ढे और धंसान, यात्रियों के लिए खतरा
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे, धंसान और उखड़ा हुआ डामर दिखाई दे रहा है।
इससे वाहनों का संचालन जोखिम भरा हो गया है।
खासकर बारिश या धुंध के समय यह मार्ग और भी ज्यादा खतरनाक साबित होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया,
जिसके कारण कुछ ही समय में सड़क उखड़ने लगी। कई जगह सड़क की सतह पूरी तरह टूट चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
कई गांवों की जीवनरेखा है यह मार्ग
ग्रामीणों के मुताबिक इस सड़क से प्रतिदिन कई गांवों के लोग आवाजाही करते हैं।
स्कूली छात्र-छात्राएं, किसान और आपातकालीन सेवाएं भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
खराब सड़क के कारण आए दिन वाहन फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

शिकायत मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंची
स्थानीय ग्रामीण एल.एस. नेगी ने सड़क की जर्जर स्थिति की शिकायत मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंचाई है।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग में हड़कंप मच गया है।
उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति जानलेवा बनी हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा दीपावली से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए थे,
लेकिन संबंधित विभाग ने इस मार्ग पर केवल लगभग 7 प्रतिशत गड्ढे भरकर ही औपचारिकता पूरी कर दी।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही मार्ग का जल्द पुनः डामरीकरण कर सुरक्षित बनाया जाए।
समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्राम पंचायत क्यूडी के पूर्व प्रधान महेन्द्र नेगी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनरेखा कही जाने वाली सड़कों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत नहीं की गई और खर्च हुई राशि की जांच नहीं हुई तो स्थानीय जनता विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होगी।
विभाग का पक्ष
वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद ठेकेदार से बातचीत कर ली गई है। कार्मियल गैस सिलेंडर उपलब्ध होने के बाद मोटर मार्ग पर दोबारा डामरीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।

















Leave a Reply