पत्रकारिता जगत को गहरा आघात पहुंचाने वाली खबर सामने आई है। अपनी सादगी और शालीनता के लिए मशहूर वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूरी का बुधवार, 27 अगस्त देर रात निधन हो गया। उनके जाने से न केवल मीडिया जगत, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भी शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार ऋषिकेश एम्स में बुधवार को उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसे डॉक्टरों ने सफल बताया था। लेकिन देर रात अचानक हार्ट अटैक आने से उनकी स्थिति गंभीर हो गई। सभी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्होंने देर रात अंतिम सांस ली।
पत्रकारिता जगत में अमूल्य योगदान
राकेश खंडूरी लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े रहे और देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड के पत्रकार समाज की सशक्त आवाज माने जाते थे। उनकी लेखनी तेज़ और प्रभावशाली थी, जबकि उनका व्यक्तित्व सौम्य और सरल था।
वे हमेशा युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन करते थे और पत्रकारिता में मूल्यों को प्राथमिकता देते रहे। इसी कारण वे न केवल पत्रकारों बल्कि आम जनता और राजनीतिक वर्ग में भी सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।
उनके निधन की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई। तमाम पत्रकारों, राजनीतिक नेताओं और शुभचिंतकों ने उन्हें याद करते हुए उनकी सेवाओं और योगदान को अमूल्य बताया।
वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूरी के निधन से पत्रकारिता जगत को ऐसी क्षति हुई है जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी। उनकी सादगी, शालीनता और मार्गदर्शन की कमी को हमेशा महसूस किया जाएगा।

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