6 माह तक निष्कासन की कार्रवाई
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और संबद्ध बेस चिकित्सालय में चल रहे
धरना-प्रदर्शन को लेकर कॉलेज प्रशासन ने पैरामेडिकल छात्रों को सख्त चेतावनी दी है।
प्रशासन ने छात्रों को धरना स्थल पर शामिल नहीं होने और नियमित कक्षाओं व क्लिनिकल पोस्टिंग में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार पैरामेडिकल संवर्ग के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में अध्ययनरत कुछ
छात्र-छात्राएं पैरामेडिकल इंटर्न के साथ धरना स्थल पर बैठे पाए गए।
इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी संबंधित छात्रों के लिए सूचना जारी की है।
कक्षाएं छोड़कर धरने में बैठने पर आपत्ति
प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों का वर्तमान प्रकरण से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
इसके बावजूद कक्षाओं और क्लिनिकल पोस्टिंग से अनुपस्थित रहकर धरना स्थल पर बैठना अनुशासनहीनता माना जाएगा।
प्रशासन ने यह भी कहा कि ओपीडी में मरीजों और चिकित्सकों के आवागमन वाले स्थान पर बैठने से
चिकित्सा सेवाओं और सामान्य आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
इसे कॉलेज प्रशासन ने गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है।
3 से 6 माह तक निष्कासन की चेतावनी
कॉलेज प्रशासन ने सत्र 2023, 2024 और 2025 में अध्ययनरत सभी पैरामेडिकल
छात्र-छात्राओं को निर्देश दिया है कि वे संबंधित धरना-प्रदर्शन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से न जुड़ें।
सूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई छात्र इस तरह की गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसमें शैक्षणिक सत्र से 3 से 6 माह तक निष्कासन जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों से संस्थान की व्यवस्था और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल रहने की अपील की है।















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