सत्य प्रसाद मैठाणी
35 लाख के ‘झटके’ ने श्रीनगर को अंधेरे में डुबोया; बिल न भरने पर बिजली विभाग ने काटी स्ट्रीट लाइटें
सरकारी विभागों की खींचतान का खामियाजा एक बार फिर जनता को भुगतना पड़ा। श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने
वाले कई प्रमुख इलाकों को शनिवार शाम से घने अंधेरे में डुबो दिया गया। मामला बिजली के बकाया बिलों से जुड़ा है, जहाँ
विद्युत विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम के पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) के कनेक्शन काट दिए।
इन इलाकों में पसरा रहा सन्नाटा
विद्युत कटौती के इस फैसले ने शहर के सबसे व्यस्त और रिहाइशी इलाकों की रोशनी छीन ली:
- गोला बाजार और गणेश बाजार
- बिलकेदार और गंगा दर्शन
- काला रोड और नर्सरी रोड
35 लाख का बकाया और 17 फरवरी की चेतावनी
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम पर विद्युत विभाग का लगभग 35 लाख रुपये का बिल लंबे समय से बकाया चल रहा है।
विभाग पिछले कई महीनों से भुगतान के लिए लिखित और मौखिक गुहार लगा रहा था। हद तो तब हो गई जब 17 फरवरी को
जारी अंतिम चेतावनी पत्र के बावजूद ‘बजट की कमी’ का हवाला देकर बिल जमा नहीं कराया गया।
विद्युत विभाग के अवर अभियंता यतेन्द्र कुमार ने कड़े शब्दों में कहा:
“सितंबर माह से बिलों का भुगतान लंबित था। हमने नगर आयुक्त को बार-बार पत्र लिखे, लेकिन जब बजट न होने की बात कहकर बिल जमा नहीं हुआ, तो शनिवार को कनेक्शन काटने की कार्रवाई करनी पड़ी।”
बेहाल रहे राहगीर और मॉर्निंग वॉकर्स
स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण शनिवार रात बाजारों और मुख्य सड़कों पर आवाजाही करना बेहद मुश्किल हो गया।
स्थिति इतनी विकट रही कि राहगीरों को सड़क पर आगे का रास्ता तक नहीं सूझ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी रविवार सुबह
मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले स्थानीय निवासियों को हुई, जिन्हें घने अंधेरे के बीच असुरक्षित माहौल में घर से बाहर निकलना पड़ा।
प्रशासन का रवैया: ‘हैरान करने वाली बेखबरी’
एक ओर शहर की बत्ती गुल रही, वहीं दूसरी ओर सहायक नगर आयुक्त रविराज सिंह बंगारी का कहना था कि कनेक्शन कटने
का मामला उनके संज्ञान में ही नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने अब आश्वासन दिया है कि विद्युत विभाग से वार्ता कर जल्द ही
कनेक्शन जुड़वाने का प्रयास किया जाएगा ताकि जनता की असुविधा दूर हो सके।
















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