पाटाखाल (मयाली) में श्रीमद् भागवत कथा का छठा दिन
श्रद्धा और भक्ति से गूंजा क्षेत्र
दूर-दराज़ के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
कीर्तिनगर विकासखंड के हिंसरियाखाल क्षेत्र अंतर्गत पाटाखाल (मयाली) गांव में आयोजित
श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन भक्तिभाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
क्षेत्र के दूर-दराज़ गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे,
जिससे पूरा वातावरण “राधे–राधे” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
सुदामा–कृष्ण की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन
कथा व्यास आचार्य दीपक नौटियाल ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण, सरल और प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि-
“सुदामा–कृष्ण की मित्रता निष्काम प्रेम, त्याग और सच्ची भक्ति का सर्वोत्तम उदाहरण है। सच्चा मित्र वही होता है जो विपत्ति में साथ दे और अहंकार से पूर्णतः रहित हो।”
आचार्य नौटियाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कभी सुदामा की गरीबी को बाधा नहीं माना, बल्कि उनके प्रेम और भक्ति को सर्वोपरि रखा।
कथा श्रवण से भक्त हुए भावविभोर
कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। श्रीकृष्ण–सुदामा की कथा ने श्रोताओं को मित्रता,
विनम्रता और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति संगीत और जयकारों से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विपिन मैठाणी, राजेन्द्र बड़थ्वाल, अनूप बहुगुणा, कार्तिक बहुगुणा, सत्यप्रसाद बडोनी, हृदय राम कोटनाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


















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