स्टेट ब्यूरो
देहरादून | उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सात से बारह साल बाद हुई रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी और मैदानी इलाकों में जारी शीतलहर के कारण राज्य सरकार और जिला प्रशासनों ने एहतियातन कदम उठाए हैं। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के अधिकांश जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश (Holiday) घोषित कर दिया गया है।
पहाड़ी जिलों की स्थिति: बर्फ की चादर और बंद रास्ते
पौड़ी और चमोली: इन जिलों में भारी बर्फबारी और सड़कों पर पाला (frosbite conditions) जमने के कारण जिलाधिकारी ने अगले आदेश तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग: केदारनाथ घाटी और गंगोत्री-यमुनोत्री बेल्ट में बर्फ की मोटी परत जमा होने से जनजीवन थम सा गया है, जिसके कारण यहाँ भी स्कूल बंद रहेंगे।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर: कुमाऊं मंडल के इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी के कारण स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया गया है।
मैदानी जिलों में शीतलहर का कहर
देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर: हालांकि इन जिलों के मुख्य शहरों में बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और कोहरे (Fog) के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
देहरादून के पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे मसूरी, त्यूणी) में बर्फबारी के कारण स्कूल बंद हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव या छोटे बच्चों के लिए अवकाश के निर्देश दिए गए हैं।



















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