उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में थारू जनजाति समाज की उभरती लोक गायिका रिंकू राणा
का सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया।
वह होली मनाकर अपने मायके बिचपुरी नानकमत्ता से स्कूटी से लौट रही थीं,
तभी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गईं।
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
होली मनाकर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार नानकमत्ता के नौगजा निवासी 36 वर्षीय रिंकू राणा
होली मनाने अपने मायके बिचपुरी गई हुई थीं।
वहां से वह अपनी भतीजी के साथ स्कूटी से वापस लौट रही थीं।
इसी दौरान ईंटों से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
इस दुर्घटना में रिंकू राणा और उनकी भतीजी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रिंकू राणा को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी भतीजी का इलाज जारी है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना के बाद रिंकू राणा के शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा उपजिला अस्पताल लाया गया है,
जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
थारू समाज की उभरती लोक कलाकार थीं रिंकू राणा
रिंकू राणा खटीमा के लोक कलाकार बंटी राणा के सांस्कृतिक दल से जुड़ी हुई थीं,
और थारू जनजाति समाज की पहली लोक गायिकाओं में अपनी पहचान बना रही थीं।
वह राज्य स्तर के कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती थीं और दल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं।
उनकी ससुराल नानकमत्ता के पूरनगढ़ नौगला में है।
वह अपने पीछे 9 वर्षीय बेटे निशांत सिंह और पति महेश सिंह को छोड़ गई हैं।
मुख्यमंत्री और नेताओं ने जताया शोक
लोक गायिका रिंकू राणा के असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami
और खटीमा विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने इसे थारू जनजाति समाज और लोक संस्कृति के लिए बड़ी क्षति बताया।
रिंकू राणा के निधन से उनके परिवार और थारू समाज के कलाकारों में शोक की लहर है।















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