योग, नाट्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से संविधान और राष्ट्रनिर्माण का दिया गया संदेश
स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवं हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में
77वां गणतंत्र दिवस समारोह विश्वविद्यालय परिसर में गरिमा, उत्साह
और गहन देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भारतीय संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया गया।

ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुआ समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ लेखक गाँव की निदेशक एवं स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय की उपाध्यक्ष विदुषी निशंक
तथा विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. आर.सी. सुन्द्रियाल द्वारा ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया।
इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ किया गया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो गया।
योग, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह में बीएएमएस, योग एवं बीएनवाईएस के विद्यार्थियों ने योग प्रदर्शन, सामूहिक गीत,
नृत्य, देशभक्ति गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सभागार को ऊर्जा और वीर रस से भर दिया।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ सामाजिक चेतना का भी सशक्त संदेश दिया गया।
संगीत विभाग द्वारा प्रस्तुत देश राग एवं लोक गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया,
जबकि बीएएमएस के छात्रों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति पर
आधारित नाट्य प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया और कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं।

संविधान और युवाओं की भूमिका पर प्रेरक संदेश
मुख्य अतिथि विदुषी निशंक ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की गरिमा, स्वतंत्रता संग्राम में
दिए गए बलिदानों और राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी बोध कराता है
और एक सशक्त, समावेशी व जिम्मेदार भारत के निर्माण का मार्ग दिखाता है।
प्रति-कुलपति प्रो. आर.सी. सुन्द्रियाल ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए
संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों और दायित्वों के संतुलन पर बल दिया।
वहीं संयुक्त निदेशक प्रदीप कोठियाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक
और सामाजिक प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन डॉ. पारुल एवं डॉ. शिवानी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली, डीन अकादमिक प्रो. राजुल दत्त, डॉ. अंजना विलियम्स (प्राचार्य, नर्सिंग), कुलसचिव अरविंद अरोड़ा,
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की आईटी सेल की समन्वयक अंजलि नैथानी,
सहित विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, विद्यार्थी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

















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