कालीमठ घाटी में भक्तिमय वातावरण
सीमान्त गांवों में श्रद्धा और आस्था का संगम, पुष्प वर्षा व वेद ऋचाओं के साथ हुआ दिवारा यात्रा का अभिनंदन
ऊखीमठ। कालीमठ घाटी के सीमान्त गांवों के ग्रामीणों की आराध्य देवी भगवती चामुण्डा की
दिवारा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ल्वारा गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया।
दिवारा यात्रा के आयोजन से ल्वारा क्षेत्र सहित आसपास के सभी गांवों का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।

गांव-गांव भ्रमण कर दे रही आशीर्वाद
भगवती चामुण्डा की दिवारा यात्रा विभिन्न गांवों का भ्रमण कर
ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए आशीर्वाद प्रदान कर रही है।
श्रद्धालु देवी की पूजा-अर्चना कर मनौती मांग रहे हैं तथा विश्व कल्याण और क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
ब्रह्म बेला पर पंचांग पूजन और देवी-देवताओं का आवाहन
रविवार को ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्य अमित भट्ट, राजेन्द्र प्रसाद देवशाली, अनूप भट्ट
और गोपाल देवशाली ने ल्वाणी गांव में पंचांग पूजन के तहत विधि-विधान से अनेक पूजन संपन्न कराए।
इस दौरान भगवती चामुण्डा, केदारनाथ सहित तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का आवाहन कर भव्य आरती उतारी गई।

नगर भ्रमण में उमड़ा जनसैलाब
सुबह ठीक 9 बजे दिवारा यात्रा ने ल्वाणी गांव में नगर भ्रमण किया।
यात्रा के दौरान विभिन्न टोकों में ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछी गई और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया गया।
श्रद्धालुओं ने अर्घ्य अर्पित कर लाल-पीले वस्त्र चढ़ाए और अपनी मनोकामनाएं देवी के चरणों में समर्पित कीं।
वेद ऋचाएं, मांगलिक गीत और जयघोष
दिवारा यात्रा के प्रस्थान पर ब्राह्मणों ने वेद ऋचाओं का पाठ किया, महिलाओं ने मांगलिक गीत गाए,
भक्तों ने “जय माता” के जयघोष लगाए और स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ यात्रा की अगुवाई की गई।
देर सायं यात्रा के ल्वारा गांव पहुंचने पर एक बार फिर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
आगामी कार्यक्रम और ऐतिहासिक मिलन
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह तिन्दोरी ने बताया कि दिवारा यात्रा आगामी दिनों में लमगौंडी, देवली भणिग्राम और नागजगई गांवों का भ्रमण करेगी।
इसके बाद दुर्गा मंदिर फेगू में भगवती दुर्गा और भगवती चामुण्डा का कई वर्षों बाद ऐतिहासिक मिलन होगा, जिसके हजारों श्रद्धालु साक्षी बनेंगे।
दिवारा यात्रा के साथ चल रहे राय सिंह तिन्दोरी ने बताया कि यह यात्रा बरम्वाणी, डमार,
टिमरिया सहित अगस्तमुनि क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए 13 जनवरी को हरिद्वार पहुंचेगी।
14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान और तीर्थ दर्शन के बाद यात्रा अपने भंडार गृह जाल मल्ला के लिए लौटेगी।
इस अवसर पर संरक्षक कृपाल सिंह राणा, त्रिलोक सिंह रावत, सचिव कीरत सिंह राणा, कोषाध्यक्ष योगम्बर सिंह रावत सहित ल्वाणी और ल्वारा गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।


















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