प्रमोशन की कमी पर जताई चिंता
यूनियन बजट 2026 को लेकर टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से
जुड़े एक्सपर्ट्स ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।
विशेषज्ञों ने जहां सरकार द्वारा टूरिज्म को रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी
के एक अहम इंजन के तौर पर पहचानने का स्वागत किया है,
वहीं बजट में टूरिज्म प्रमोशन और मार्केटिंग को लेकर ठोस रणनीति की कमी पर चिंता भी जताई है।
इंडस्ट्री का मानना है कि ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया गया जोर इस सेक्टर की
लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए एक सकारात्मक कदम है,
लेकिन बिना प्रभावी प्रचार-प्रसार के ये योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएंगी।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के एक्सपर्ट रवि गोसाईं ने ईटीवी भारत से बातचीत में
कहा कि टूरिज्म को रोजगार और देश की आर्थिक वृद्धि का अहम आधार मानना राहत की बात है,
लेकिन सरकार ने इसके प्रचार-प्रसार के लिए किसी तरह का बजटीय प्रावधान नहीं किया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और टूरिस्ट की संख्या के बीच एक स्पष्ट गैप बना हुआ है, जिसे बिना मार्केटिंग के पाटना मुश्किल होगा।
गोसाईं के अनुसार, अगर टूरिस्ट की संख्या नहीं बढ़ी तो स्थानीय समुदायों को मिलने वाले रोजगार और अवसर भी सीमित रह जाएंगे।
इसी तरह टूरिज्म सेक्टर के एक्सपर्ट दीपक कुमार भटनागर ने भी बजट में इंटरनेशनल टूरिस्ट को आकर्षित करने के लिए मजबूत मार्केटिंग रणनीति के अभाव पर निराशा जताई।
उन्होंने कहा कि केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग पर फोकस करने से इंडस्ट्री को पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा,
जब तक डिमांड बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जाते।
वहीं, फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (FHRAI) के मानद कोषाध्यक्ष गिरीश ओबेरॉय ने बजट के कुछ प्रावधानों को इंडस्ट्री के लिए सकारात्मक बताया।
उन्होंने 15 हेरिटेज साइट्स को कल्चरल साइट के रूप में विकसित करने,
हाई-स्पीड कॉरिडोर कनेक्टिविटी और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के फैसलों का स्वागत किया।
ओबेरॉय के अनुसार, लगभग 10 हजार स्थानीय युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर
इन क्षेत्रों को कल्चरल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
टूरिज्म एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने भी बुद्धिस्ट सर्किट
और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजनाओं को सकारात्मक कदम बताया।
हालांकि उन्होंने कहा कि टूर ऑपरेटर्स के लिए मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस
और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री का दर्जा देने जैसी पुरानी मांगों को बजट में शामिल नहीं किया गया, जिससे इंडस्ट्री को निराशा हुई है।
कुल मिलाकर, टूरिज्म इंडस्ट्री का मानना है कि बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर
और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दिया गया है, लेकिन प्रमोशन
और डिमांड बढ़ाने के लिए स्पष्ट रोडमैप की कमी इस सेक्टर की संभावनाओं को सीमित कर सकती है।
















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