ऊखीमठः क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है तथा उत्तरकाशी धराली आपदा के बाद क्षेत्र का तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित होने से यात्रा पडा़वो पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
मन्दाकिनी नदी सहित सहायक नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसें ग्रामीणों की रातों की नींद खो चुकी है।
रूद्रप्रयाग – गौरीकुण्ड नेशनल हाईवे सहित लिंक मोटर मार्गों पर जगह – जगह भूस्खलन होने से मोटर मार्गों पर सफर करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मूसलाधार बारिश से पूरे बरसात के समय में 20 आवासीय भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है, जिसमें 6 प्रभावित परिवारां को आपदा मानकां के अनुसार सहायता राशि वितरित की गयी है तथा शेष प्रभावित परिवारां को सहायता राशि वितरित करने की कार्यवाही गतिमान है।

स्थानीयों ने बयां किए हालात
पाली सरूणा निवर्तमान प्रधान प्रेमलता पन्त ने बताया कि ऊखीमठ-मनसूना रासी मोटर मार्ग के डामरीकरण व विस्तारीकरण पर करोड़ो रूपये व्यय होने के बाद भी मोटर मार्ग अधिकांश स्थानों पर कीचड में तब्दील होने से मोटर मार्ग पर सफर करना जानलेवा बना हुआ है।
ग्राम पंचायत कविल्ठा निवर्तमान प्रधान अरविन्द राणा ने बताया कि गुप्तकाशी – कालीमठ – चौमासी मोटर मार्ग पर विद्यापीठ – कालीमठ तथा खोन्नू – जाल तल्ला के मध्य मोटर मार्ग पर जगह – जगह तालाब बनने से ग्रामीण जान हथेली पर रखकर सफर करने को विवश बने हुए है।
तुंगनाथ धाम प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि, उत्तरकाशी धराली की आपदा तथा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण तुंगनाथ घाटी का तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हो गया है।
मदमहेश्वर यात्रा पड़ाव बनातोली के व्यापारी बीरबल बिष्ट ने बताया कि आपदा व बारिश के कारण तीर्थयात्रियों, पर्यटकों व सैलानियों की आवाजाही में भारी गिरावट आने से यात्रा पड़ाव वीरान बने हुए हैं।
निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य परकण्डी रीना बिष्ट ने बताया कि रूद्रप्रयाग- गौरीकुण्ड नेशनल हाईवे पर काकडागाड-कुण्ड के मध्य ऊपरी पहाडी से पत्थर गिरने का सिलसिला निरन्तर जारी रहने उक्त स्थान पर राहगीर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए विवश बने हुए है।

Leave a Reply