कोर्ट का बड़ा बयान–“सभी आरोपियों की भूमिका एक जैसी नहीं”
अन्य 5 आरोपियों को मिली जमानत, UAPA के तहत मुकदमा जारी रहेगा
दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में Umar Khalid और Sharjeel Imam को
सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
शीर्ष अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
हालांकि, इसी मामले में जेल में बंद पांच अन्य आरोपियों को कोर्ट ने राहत देते हुए जमानत प्रदान की है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी आरोपियों की भूमिका को एक जैसा नहीं माना जा सकता,
और केवल लंबे समय तक हिरासत में रहना जमानत का स्वतः आधार नहीं बनता।
कोर्ट का फैसला: क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
सोमवार, 5 जनवरी 2026 को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने
दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि-
“हर आरोपी की भूमिका का मूल्यांकन अलग-अलग किया जाना चाहिए। सभी याचिकाकर्ताओं के साथ समान व्यवहार करना, मुकदमे से पहले अनावश्यक हिरासत को बढ़ावा देगा।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में मुकदमे में देरी को अ
भियोजन पक्ष ‘ट्रंप कार्ड’ की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता।
किन 5 आरोपियों को मिली जमानत
उमर खालिद और शरजील इमाम के अलावा जिन आरोपियों को जमानत दी गई है, उनमें शामिल हैं-
- गुलफिशा फातिमा
- मीरान हैदर
- शिफा उर रहमान
- मोहम्मद सलीम खान
- शादाब अहमद
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इन आरोपियों की कथित भूमिका “सहायक (assisting)” प्रकृति की प्रतीत होती है, जो मुख्य साजिशकर्ताओं से भिन्न है।
UAPA के तहत केस जारी रहेगा
कोर्ट ने साफ किया कि उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ UAPA के तहत मुकदमा जारी रहेगा। अदालत ने कहा कि-
“हमें यह जांच करनी होगी कि लगातार हिरासत से कोई वास्तविक लाभ हो रहा है या नहीं, लेकिन दोष सिद्ध करने में अत्यधिक सावधानी भी आवश्यक है।”
निचली अदालत में फिर कर सकते हैं जमानत की कोशिश
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी राहत दी कि—
- यदि गवाहों की जांच पूरी हो जाती है या
- अब से एक वर्ष के भीतर
तो उमर खालिद और शरजील इमाम निचली अदालत में दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
साथ ही, निचली अदालत को निर्देश दिया गया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से मामले पर विचार करे।
Delhi Riots Conspiracy Case
गौरतलब है कि 2020 में हुए Delhi Riots को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने
IPC और UAPA की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि दंगों को भड़काने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई थी।
- उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था
- अधिकांश आरोपी 2020 से ही न्यायिक हिरासत में हैं
- 2 सितंबर 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार किया था
इसके बाद सभी आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।


















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