FSL जांच बनी निर्णायक
16 दिन बाद दर्ज हुए बयान, VIP एंगल पर फिर गरमाई उत्तराखंड की राजनीति
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया,
जब पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
वायरल ऑडियो-वीडियो के जरिए राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मचाने के पूरे 16 दिन बाद
उर्मिला सनावर से देहरादून पुलिस ने औपचारिक पूछताछ की है।
इन ऑडियो-वीडियो को लेकर उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून के थाना नेहरू कॉलोनी
और थाना डालनवाला में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, अब मामले की जांच निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुकी है।
पुलिस पूछताछ और प्रेस नोट
देहरादून पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, 07 जनवरी 2026 को उर्मिला सनावर को
नोटिस के माध्यम से विवेचना में शामिल होने के लिए बुलाया गया था।
दोनों मुकदमों के विवेचकों ने उनके बयान दर्ज किए, जिनकी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
पुलिस ने बताया कि उर्मिला सनावर ने विवेचकों को सुरेश राठौर के साथ बातचीत की
एक ऑडियो क्लिप सौंपी है।
इस क्लिप को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जाएगा, जहां इसका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा।
अतिरिक्त साक्ष्य नहीं कर सकीं पेश
पुलिस प्रेस नोट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों के संबंध में भी
उर्मिला सनावर से सवाल किए गए, जिनमें उनके द्वारा अन्य साक्ष्य सौंपे जाने के दावे किए जा रहे थे।
हालांकि, पूछताछ के दौरान उर्मिला सनावर कोई अन्य अतिरिक्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सकीं।
एसएसपी देहरादून का बयान
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा-
“उर्मिला सनावर से सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के संबंध में भी पूछताछ की गई है। इस दौरान कोई नया साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। अब FSL रिपोर्ट और LIU की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच तेज कर दी गई है।”
सुरक्षा की मांग, LIU से रिपोर्ट तलब
पुलिस के अनुसार, उर्मिला सनावर ने अपनी सुरक्षा को लेकर एसएसपी देहरादून को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
इस पर एसएसपी कार्यालय ने LIU से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
22 दिसंबर से शुरू हुआ था सियासी तूफान
गौरतलब है कि 22 दिसंबर 2025 को उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर सुरेश राठौर के साथ हुई कथित बातचीत के ऑडियो-वीडियो वायरल किए थे।
इन क्लिप्स में दोनों अंकिता भंडारी हत्याकांड पर चर्चा करते सुनाई देते हैं, जिसमें एक कथित “VIP” और “गट्टू” नाम का उल्लेख किया गया था।
इन ऑडियो-वीडियो के सामने आते ही प्रदेश में हड़कंप मच गया और VIP की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई।
कांग्रेस का आंदोलन, दिल्ली तक उठा मामला
ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए।
23 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑडियो सार्वजनिक रूप से सुनाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री को खुद संभालना पड़ा मोर्चा
मामले ने इतना तूल पकड़ा कि सरकार को खुद सामने आना पड़ा।
6 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
इसके अगले दिन 7 जनवरी को मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिया।
















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