राज्यसभा चुनाव के लिए शनिवार को वोटिंग हो रही है। मतदान सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा,
जबकि शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू की जाएगी। इस चरण में हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 सीटों के लिए मतदान हो रहा है।
10 राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे हैं चुनाव
निर्वाचन आयोग ने 18 फरवरी को हर दो साल में होने वाले राज्यसभा चुनाव की घोषणा की थी। इसके तहत 10 राज्यों में खाली हुई 37 सीटों को भरा जाना है।
इन राज्यों में असम, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना शामिल हैं।
इन राज्यों से चुने गए राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है।
अब तक 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
रिपोर्ट के अनुसार अब तक 26 उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जा चुके हैं।
इनमें बीजेपी के सात, कांग्रेस के पांच, तृणमूल कांग्रेस के चार और डीएमके के तीन उम्मीदवार शामिल हैं।
इसके अलावा शिवसेना, आरपीआई (A), एनसीपी, एनसीपी (एसपी), एआईएडीएमके, पीएमके और यूपीपीएल के एक-एक उम्मीदवार भी निर्विरोध चुने गए हैं।
निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में शरद पवार, अभिषेक सिंघवी, तिरुचि शिवा और विनोद तावड़े समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
बिहार में पांच सीटों के लिए मतदान
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान हो रहा है। यहां सत्ताधारी एनडीए के पांच और विपक्षी आरजेडी का एक उम्मीदवार मैदान में है।
एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और उपेंद्र कुशवाहा प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं।
हरियाणा में दो सीटों के लिए मुकाबला
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान हो रहा है। यहां बीजेपी के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मैदान में हैं।
बीजेपी ने दूसरी सीट के लिए सतीश नांदल को समर्थन दिया है।
नांदल वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव हार चुके हैं और फिलहाल पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।
ओडिशा में चार सीटों के लिए कड़ा मुकाबला
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में पांच उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है।
विपक्षी बीजेडी ने सत्ताधारी बीजेपी पर खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं। राज्य में करीब 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है।
बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में
बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार उम्मीदवार हैं।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें बीजेपी का समर्थन प्राप्त है।
वहीं संतृप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर भी चुनाव मैदान में हैं, जिन्हें कांग्रेस और CPI(M) का समर्थन मिला है।
क्रॉस-वोटिंग की संभावना
ओडिशा में क्रॉस-वोटिंग की संभावना भी जताई जा रही है, क्योंकि चौथी सीट जीतने के लिए किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है।
राज्य में बीजेपी के 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं BJD के 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 14 और CPI(M) का एक विधायक है।
राज्यसभा चुनाव के नियमों के अनुसार ओडिशा में एक सीट जीतने के लिए 30 फर्स्ट प्रेफरेंस वोट की जरूरत होगी।
















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