तहसील प्रशासन के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, सख्त कार्रवाई की मांग
Ukhimath मुख्य बाजार सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ महिलाओं और
सामाजिक संगठनों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा।
बड़ी संख्या में महिलाओं ने रैली निकालकर प्रशासन और आबकारी विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क पर उतरीं महिलाएं, लगाए नारे
आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने गैस गोदाम से मुख्य बाजार तक रैली निकालते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रैली में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है।
📄 ज्ञापन में उठाई गईं अहम मांगें
रैली के बाद तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि:
- अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए
- क्षेत्र में नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों के बावजूद भी प्रशासन और आबकारी विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
महिलाओं ने कहा कि अवैध शराब के कारण घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और सामाजिक बुराइयों में लगातार वृद्धि हो रही है।
इसका सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है।
सामाजिक संगठनों का समर्थन
विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि समाज को
नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता के साथ-साथ प्रशासनिक सख्ती भी जरूरी है।
इस दौरान केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी,
वार्ड सभासद सरला रावत, प्रधान सुलेखा देवी सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।















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