उत्तराखंड में LUCC महाघोटाले को लेकर न्याय की मांग कर रही महिलाओं की पैदल यात्रा को प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक दिया।
श्रीनगर से दिल्ली के लिए निकली करीब 350 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकली महिलाओं को मात्र 2 किलोमीटर चलने के बाद ही पुलिस ने रोक लिया।
CBI जांच और आर्थिक मदद की मांग को लेकर निकली थीं महिलाएं
LUCC घोटाले से पीड़ित महिलाओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर CBI जांच की समय-सीमा तय करने,
जांच में तेजी लाने और पीड़ित नागरिकों को राज्य व केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता देने की मांग की थी।
इसी मांग को लेकर महिलाएं दिल्ली जाकर अपनी आवाज उठाने के लिए पदयात्रा पर निकली थीं।
चिलचिलाती धूप में NH के दोनों ओर बैठीं महिलाएं
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद महिलाएं राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के दोनों ओर चिलचिलाती धूप में बैठ गईं। महिलाओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहती थीं,
लेकिन उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
CO अनुज कुमार बोले-
मौके पर मौजूद CO अनुज कुमार ने बताया कि महिलाओं की पदयात्रा को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रोका गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
महिलाओं का आरोप- लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा हनन
पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।
महिलाओं का कहना है कि LUCC घोटाले में उनकी मेहनत की कमाई लूट ली गई और अब न्याय मांगने पर भी रोका जा रहा है।
दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रपति से मिलने का था इरादा
महिलाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य दिल्ली जाकर महामहिम राष्ट्रपति से मिलना और अपनी पीड़ा सीधे सामने रखना था।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
NH पर तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पुलिस बल मौके पर तैनात है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहा है।
















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