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वीर बाल दिवस पर 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मान, साहस, खेल, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा में बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को मिली पहचान

वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देशभर के

18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में इन बच्चों को साहस, खेल, विज्ञान एवं

प्रौद्योगिकी, कला-संस्कृति, नवाचार, पर्यावरण और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में

असाधारण योगदान के लिए सम्मान मिला।

खेल और प्रतिभा में चमके युवा सितारे

सम्मान पाने वालों में 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं,

जिन्होंने अंडर-19 क्रिकेट में कई विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं।

पुरस्कार समारोह में शामिल होने के कारण वे आज विजय हजारे टूर्नामेंट में

मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेल सके।

गुजरात के सूरत की 7 वर्षीय शतरंज खिलाड़ी वाका लक्ष्मी प्रज्ञिका को खेल श्रेणी में पुरस्कार मिला।

वे FIDE World School Chess Championship 2025 में अंडर-7 गर्ल्स वर्ग की विश्व चैंपियन बनीं।

तेलंगाना के मेडचल मलकाजगिरी के 16 वर्षीय विश्वनाथ कार्तिकेय पदकांति को

पर्वतारोहण में सेवन समिट चैलेंज पूरा करने के लिए सम्मानित किया गया।

संघर्ष से सफलता तक की कहानियां

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोनागांव की 14 वर्षीय जूडो खिलाड़ी योगिता मंडावी को

खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।

झारखंड की 14 वर्षीय फुटबॉलर अनुष्का को भी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला,

जो कठिन पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम तक पहुंची हैं।

नवाचार, विज्ञान और पर्यावरण में योगदान

असम की आयशी प्रिषा बोराह को वेस्ट पेपर से पेंसिल बनाने की मशीन और

ग्रेवॉटर रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करने के लिए सम्मान मिला।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की 17 वर्षीय पूजा को बिना धूल वाली

थ्रेसर मशीन बनाने के लिए पर्यावरण श्रेणी में पुरस्कार मिला।

महाराष्ट्र के 17 वर्षीय अर्णव महर्षि को AI आधारित सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन विकसित करने के लिए

विज्ञान श्रेणी में सम्मानित किया गया, जिसे भारत सरकार से पेटेंट और कॉपीराइट प्राप्त है।

साहस और मानवता की मिसाल

पंजाब के फिरोजपुर निवासी 10 वर्षीय श्रवण सिंह को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान

सीमा पर तैनात जवानों को चाय-नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए सम्मान मिला।

उत्तर प्रदेश के 9 वर्षीय अजय राज ने मगरमच्छ से अपने पिता की जान बचाई,

जबकि केरल के 11 वर्षीय मोहम्मद सिद्दान ने करंट से झुलस रहे दो दोस्तों की जान बचाई।

इस वर्ष दो बच्चों तमिलनाडु की व्योमा प्रिया और बिहार के कमलेश कुमार को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया, जिन्हें उनके माता-पिता ने ग्रहण किया।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इन बच्चों ने अपने परिवार, समाज और पूरे देश का नाम रोशन किया है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजेता बच्चों से मुलाकात कर कहा कि Gen Z और Gen Alpha ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे।

वीर बाल दिवस का ऐतिहासिक महत्व

वीर बाल दिवस सिख गुरु गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों

अजीत, जुझार, जोरावर और फतेह की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है।

26 दिसंबर 1705 को मुगल सेना द्वारा उनकी हत्या की गई थी।

इस बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में

26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया था।

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