21 टीमों ने किया शानदार प्रदर्शन
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों को किया गया सम्मानित
हिमालयन ग्रामीण संस्था एवं महिला मंगल दल पल्द्वाणी के संयुक्त तत्वावधान में
आयोजित फुलारी महोत्सव में क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं की अनुपम झलक देखने को मिली।
महोत्सव में कुल 21 टीमों ने भाग लेते हुए अपने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
भक्ति और परंपरा से हुआ महोत्सव का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, पारंपरिक रीति-रिवाजों और देवी-देवताओं की वंदना के साथ हुआ।
इसके पश्चात महिला मंगल दलों द्वारा प्रस्तुत धार्मिक भजन, लोकगीत और पारंपरिक नृत्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रतिभागी दलों ने फुलदेई पर्व की महत्ता को गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा।
मुख्य अतिथि ने संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर
जीआईसी पलद्वाणी परिसर में आयोजित इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षा पार्टीज
के चेयरमैन कुलदीप रावत ने शिरकत की।
उन्होंने कहा कि फुलदेई त्योहार हमारी पौराणिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
स्वामी भगवानन्द महाराज ने भी स्थानीय लोगों से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी, जिला पंचायत सदस्य परकण्डी प्रीति पुष्वाण, सरोज राणा
और प्रधानाचार्य वी.पी. किमोठी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार रखे और इस आयोजन की सराहना की।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों का हुआ सम्मान
महोत्सव के दौरान कला, शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लगभग दो दर्जन समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर दीपक नेगी, हरेंद्र बिष्ट, कुलदीप सेमवाल, वीरेंद्र चौहान, राहुल नेगी, हर्षवर्धन नेगी, दीपा देवी, जयवीर सिंह रावत सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया।
नवचेतना का संदेश और सफल आयोजन
कार्यक्रम संयोजक एवं महिला मंगल दल अध्यक्ष दीपा देवी ने सभी प्रतिभागियों और आगंतुकों का
आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नवचेतना जागृत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान नीमा देवी ने की, जबकि संचालन डॉ. कैलाश पुष्वाण द्वारा किया गया।
महोत्सव में विभिन्न गांवों से आए महिला मंगल दलों, युवाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति रही।
अंत में विजेता टीमों को पुरस्कृत कर सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे आयोजन
आयोजकों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया।















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