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उत्तराखंड : विधानसभा सत्र से पूर्व संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति जरूरी

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लंबे समय से चर्चाएँ चल रही थीं, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई विस्तार नहीं किया है। 2022 में पुष्कर सिंह धामी सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हुआ था, लेकिन हाल के महीनों में कोई नया मंत्री शामिल नहीं किया गया।

मंत्रिमंडल में वर्तमान में सतपाल महाराज, गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, और सौरभ बहुगुणा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति जरूरी

आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति अब अनिवार्य हो गई है। इससे पूर्व प्रेमचंद अग्रवाल इस भूमिका को निभा रहे थे, लेकिन उनके हटने के बाद यह पद खाली है।

अब ऐसे में सरकार या तो किसी मौजूदा मंत्री को यह जिम्मेदारी दी जाए, या किसी नए विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल कर संसदीय कार्य मंत्री बनाया जाए। यह नियुक्ति विधानसभा में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

21 अगस्त से पहले आहूत होगा आगामी विधानसभा सत्र 2025

प्रदेश में पांचवीं विधानसभा का वर्षा कालीन सत्र 21 अगस्त 2025 से पहले आहूत होगा, क्योंकि संविधान के तहत हर छह महीने में सत्र आयोजित करना अनिवार्य है।

विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग ने सत्र की तैयारियों के लिए एक पत्र जारी किया है, जिसमें सभी विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने और सूचनाएँ संकलित करने का निर्देश दिया गया है। सत्र का स्थान देहरादून या गैरसैंण अभी तय नहीं हुआ है।

https://regionalreporter.in/citizen-honor-program-of-vice-chancellor-prof-shriprakash-singh-organized/
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