राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSS) और राज्य खाद्य योजना के तहत जारी राशन कार्डों के सत्यापन में रुद्रप्रयाग जिले में बड़ी कार्रवाई हुई है।
जिला पूर्ति विभाग के अनुसार 8 अगस्त से 20 अगस्त तक 15,495 राशन कार्डों की जांच पूरी की गई, जिनमें से 1,840 को अपात्र घोषित कर सूची से हटा दिया गया है।
डोर-टू-डोर सत्यापन पर जोर
जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में 21 अगस्त को हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डोर-टू-डोर सत्यापन को और तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि केवल पात्र परिवारों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए और लापरवाही की स्थिति में सख्त कार्रवाई होगी।
जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली ने बताया कि जो परिवार पात्रता की सीमा से बाहर हैं, उन्हें स्वेच्छा से अपने राशन कार्ड सरेंडर करने को कहा गया है।
यदि वे ऐसा नहीं करते और अपात्र पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। साथ ही, उन्हें वितरित हो चुका राशन बाजार दर पर वसूला जाएगा।
पात्रता की आय सीमा
विभागीय जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लिए मासिक आय ₹15,000 से कम रखने वाले परिवार पात्र हैं। वहीं राज्य खाद्य योजना में वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेशभर में गलत तरीके से बने राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी और आयुष्मान कार्ड पर कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
सत्यापन में सफेद और गुलाबी राशन कार्ड धारकों के बीच गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई लोग ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने पात्र न होने के बावजूद इन कार्डों का लाभ लिया है। अब विभाग इन सभी पर कार्रवाई की तैयारी में है।

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