युवाओं के लिए फ्री वाई-फाई, कैफेटेरिया, मिनी लाइब्रेरी और ‘माई स्टांप’ की सुविधा
प्रदेश में पहली बार युवाओं को डाक सेवाओं से जोड़ने के लिए जेन-जी डाकघर की शुरुआत होने जा रही है।
उत्तराखंड का पहला जेन-जी डाकघर जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, घुड़दौड़ी परिसर में खुलेगा।
इसका उद्घाटन 1 दिसंबर को उत्तराखंड परिमंडल की पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी कुजूर और संस्थान के निदेशक प्रो. विजय कुमार बंगा के हाथों होगा।
‘विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए’ थीम पर आधारित पहल
भारतीय डाक विभाग की यह अभिनव पहल ‘विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए’ थीम पर आधारित है,
जिसका उद्देश्य युवाओं को परंपरागत डाक सेवाओं से आधुनिक और आकर्षक तरीके से जोड़ना है।
यह मॉडल पहले IIT दिल्ली में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, अब वही अवधारणा उत्तराखंड में लागू की जा रही है।
युवाओं के लिए हाई-टेक सुविधाएं
जेन-जी डाकघर में पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी:
फ्री वाई-फाई सेवा
कैफेटेरिया
मिनी लाइब्रेरी
सिंगल काउंटर पर पार्सल पैकेजिंग व बुकिंग
आईपीपीबी बैंकिंग सुविधा
पीपीएफ और बचत खाते से जुड़ी सेवाएं
साथ ही, छात्रों को स्पीड पोस्ट की डॉक्यूमेंट सर्विस में 10% की छूट भी दी जाएगी।
अपने नाम का डाक टिकट: ‘My Stamp’ सेवा
युवा माई स्टांप सेवा के जरिए अपने नाम और फोटो वाला डाक टिकट बनवा सकेंगे।
इसके लिए डाकघर में अपना फोटो और आवेदन देकर व्यक्तिगत डाक टिकट प्रिंट कराया जा सकेगा।
अधिकारी बोले: अंतिम चरण में है तैयारियां
प्रधान डाकघर पौड़ी के डाक अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया “जीबी पंत घुड़दौड़ी परिसर को प्रदेश के पहले जेन-जी डाकघर के लिए प्राथमिकता दी गई है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
आवश्यक स्टाफ पोस्ट मास्टर, डाक वितरक और डाक सेवक की तैनाती पूरी कर ली गई है।”
श्रीनगर के कमलेश्वर डाकघर का भी होगा आधुनिकीकरण
श्रीनगर गढ़वाल स्थित कमलेश्वर डाकघर को जेन-जी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। हालांकि फिलहाल इसे पूरी तरह जेन-जी डाकघर नहीं बनाया जाएगा, लेकिन सुविधाओं में आधुनिकता लाई जाएगी।
हल्द्वानी में खुलेगा दूसरा जेन-जी डाकघर
भारतीय डाक विभाग ने बताया कि उत्तराखंड का दूसरा जेन-जी डाकघर दिसंबर में मोतीलाल-बाबूराम राजकीय पीजी कॉलेज, हल्द्वानी में खोला जाएगा। इसके लिए भी कार्य तेज़ी से चल रहा है।
इस जेन-जी डाकघर की सजावट और आर्ट-क्राफ्ट का कार्य स्वयं छात्र संभाल रहे हैं। यह काम प्रो. प्रीति डिमरी के मार्गदर्शन में छात्र गतिविधि केंद्र के समन्वयक शांभवी और युवराज सिंह के साथ करीब 30 छात्र-छात्राएं कर रहे हैं।
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