नई फिल्म ‘गौँ बचावा रे’ की घोषणा
संस्था ने ग्रामीणों को जंगली जानवरों से बचाव के लिए जागरूक करने का लिया संकल्प
सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था भागीरथी कला संगम की एक अहम बैठक रविवार, 07 दिसम्बर को श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित की गई।
बैठक की शुरुआत गढ़वाल क्षेत्र में बाघ के हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।
साथ ही घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए सभी सदस्यों ने संवेदना व्यक्त की।
बैठक के दौरान संस्था से जुड़े नए सदस्यों का भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इसमें सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अवदेश मणि लाल और सेवानिवृत्त कर्मचारी यमुना प्रसाद काला को संस्था में शामिल किया गया।
सभी सदस्यों ने दोनों नवीन सदस्यों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और संस्था के कार्यों में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई।

ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्णय
बैठक स्थानीय कल्याणेश्वर मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
इस दौरान संस्था ने जंगली जानवरों से परेशान ग्रामीणों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
सदस्यों ने कहा कि बाघ और अन्य जंगली जानवरों के हमलों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है।
इसलिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी है।
लघु फिल्म “गौँ बचावा रे” की शूटिंग का ऐलान
संस्था के निर्देशक मदन गड़ोई ने बैठक में अपनी आगामी लघु फिल्म “गौँ बचावा रे” की पटकथा सदस्यों के साथ साझा की।
इस मौके पर फिल्म के कलाकारों का चयन भी किया गया।
अगले सप्ताह इस फिल्म की शूटिंग खण्डह, चमराड़ा, असंगी सहित आसपास के गांवों में की जाएगी।
फिल्म में पहाड़ों से हो रहे पलायन, जंगली जानवरों का आतंक और ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
उद्देश्य यह है कि समाज के इन गंभीर मुद्दों को कला के माध्यम से सरकार और आम जनता तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में रहे ये लोग मौजूद
बैठक में संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र बर्थवाल के अलावा मदन गड़ोई, भगवती प्रसाद पुरी, रमेश चंद्र थपलियाल, भगत सिंह बिष्ट, दीनबंधु सिंह चौहान, हरेंद्र तोमर, संजय कोठारी, किशोरी नौटियाल, पदमेंद्र रावत, प्रमोद नौडियाल, अवधेश मणि, यमुना प्रसाद काला, राजेंद्र रावत समेत कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।




















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