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‘नशा नहीं, रोजगार दो’ आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ पर बैठक

चौखुटिया में बैठक, व्यापक सहभागिता का आह्वान

पूर्वसंध्या पर आयोजित बैठक में आंदोलन की प्रासंगिकता और सामाजिक संदेश पर जोर

‘नशा नहीं, रोजगार दो’ आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ की पूर्वसंध्या पर आरती घाट, चौखुटिया में

विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं

और पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नशे के विरुद्ध एकजुट संघर्ष का आह्वान करते हुए 2 फरवरी

को दोपहर 2 बजे बसभीड़ा (चौखुटिया) में आयोजित कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।

उपपा अध्यक्ष पी. सी. तिवारी का संबोधन

बैठक को संबोधित करते हुए उपपा अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने कहा कि ‘नशा नहीं, रोजगार दो’

आंदोलन 42 वर्ष बाद भी आज की परिस्थितियों में और अधिक प्रासंगिक,

समसामयिक एवं प्रखर रूप में हमारे सामने खड़ा है।

उन्होंने आंदोलन के उद्देश्य और युवाओं में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

पर्यावरणीय मुद्दों पर बोले कांडपाल

जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मोहन कांडपाल ने कहा कि आज समाज को

जल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर समग्र दृष्टिकोण से विचार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सतत प्रयास और नीति निर्माण बेहद महत्वपूर्ण है।

पुराने आंदोलनकर्ताओं का अनुभव और संदेश

42 वर्ष पूर्व आंदोलन में सक्रिय रहे भगवत रावत (मासी) ने कहा कि इस आंदोलन ने समाज को झकझोरा और एक नई दिशा देने का कार्य किया।

गणेश पांडे (मासी) ने कहा कि आज केवल मुद्दों की चर्चा नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक बदलाव के लिए संगठित प्रयास की आवश्यकता है।

सामाजिक कार्यकर्ता बसंत उपाध्याय ने कहा कि इस आंदोलन से उनके सामाजिक जीवन की शुरुआत हुई और वे जीवन भर इससे जुड़े रहे।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपस्थित व्यक्तियों की भागीदारी

बैठक में जिला पंचायत सदस्य सरस्वती किरौला, जमन सिंह मनराल, उदय किरौला, हेम कांडपाल,

गिरीश मठपाल, ममता जोशी, बबीता आर्या, ममता बिष्ट, भारती पांडे, किरन आर्या,

पूप्पा थापा, दिनेश उपाध्याय, गोपाल राम, प्रकाश जोशी, नीरज पंत, सूरज शाह,

गणेश चंद्र पांडे, गणेश दत्त जोशी, राजू गिरी, हेमंत, आनंद किरौला

सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने आंदोलन के उद्देश्य और सामाजिक संदेश को व्यापक रूप से फैलाने पर जोर दिया और आगामी कार्यक्रम में अधिक से अधिक भागीदारी करने का संकल्प लिया।

https://regionalreporter.in/the-challenge-of-landslides-on-the-char-dham-routes/
https://youtu.be/QgkIh8RrhhI?si=AgQsmE6VF2VNh41d
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