देहरादून में सोमवार को गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के
अंतर्गत डिजिटल भुगतान प्रणाली CBDC के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
इस दौरान उन्होंने किसानों के खातों में प्रतीकात्मक रूप से डिजिटल भुगतान भी किया।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय
दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता
उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर
आधारित छोटे पॉलीहाउस स्थापना योजना में डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की गई है।
किसान “अपुणि सरकार” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे।
सत्यापन के बाद पात्र किसानों को CBDC वाउचर जारी किए जाएंगे।
वाउचर सिस्टम और भुगतान प्रक्रिया
पॉलीहाउस निर्माण पूरा होने और सत्यापन तक CBDC वाउचर की राशि लॉक्ड स्टेटस में रहेगी।
सत्यापन के बाद संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में भुगतान किया जाएगा, जिससे धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।
अनुदान और योजना का बजट
इस योजना के तहत 50 से 100 वर्गमीटर आकार के पॉलीहाउस पर किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
योजना के लिए 304.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। अनुदान तीन किस्तों में CBDC वाउचर के माध्यम से दिया जाएगा।
पंजीकृत फर्म और सुविधा
कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों और कंपनियों का पंजीकरण किया गया है।
किसान अपनी सुविधा अनुसार किसी भी पंजीकृत फर्म के माध्यम से पॉलीहाउस निर्माण करा सकते हैं।
प्रशिक्षण और जागरूकता पर जोर
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का भुगतान CBDC के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थिति
इस अवसर पर कृषि सचिव डॉ. एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, आईटीडीए निदेशक आलोक कुमार पांडेय, आरबीआई, यूनियन बैंक और नाबार्ड के अधिकारी सहित कई किसान उपस्थित रहे।
















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