रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट, 19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा

रिकॉर्ड पंजीकरण के बीच इस बार यात्रा में कई नए नियम और व्यवस्थाएं लागू

उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज इस वर्ष 19 अप्रैल से होने जा रहा है।

गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

मंदिर समिति ने हिन्दू पंचांग के अनुसार कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 15 मिनट निर्धारित किया है।

चारधाम यात्रा का पूरा शेड्यूल

इस वर्ष चारधाम यात्रा अप्रैल के तीसरे सप्ताह से शुरू होगी:

1.बदरीनाथ कपाट खुलने और बंद होने की तारीखें

बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल 2026 को चार धाम यात्रा 2026 के लिए खुलेगा। 

बदरीनाथ मंदिर के 2026 में खुलने की तिथि बसंत पंचमी पर घोषित की गई है और बंद होने की तिथि विजयदशमी पर घोषित की जाएगी ।

2.केदारनाथ कपाट खुलने और बंद होने की तारीखें

केदारनाथ मंदिर 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे खुलेगा।

प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के दिन केदारनाथ मंदिर के खुलने की तिथि घोषित और निर्धारित की जाती है। 

केदारनाथ मंदिर के बंद होने की तिथि भाई दूज पर तय की जाती है।

3.गंगोत्री के खुलने और बंद होने की तिथियां

चार धाम यात्रा 2026 के लिए गंगोत्री मंदिर 19 अप्रैल 2026 को खुलेगा।

गंगोत्री धाम प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खुलता है और दिवाली के अगले दिन बंद हो जाता है।

4.यमुनात्री के खुलने और बंद होने की तिथियां

चार धाम यात्रा 2026 के लिए यमुनात्री मंदिर 19 अप्रैल 2026 को खुलेगा। 

यमुनात्री मंदिर प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया के अवसर पर खुलता है। भाई दूज के दिन यमुनात्री मंदिर तीर्थयात्रियों के लिए बंद रहता है। यमुनात्री मंदिर के बंद होने की तिथि यम द्वितीया, जो भाई दूज के दिन ही पड़ती है।

  • 19 अप्रैल – गंगोत्री और यमुनोत्री
  • 22 अप्रैल – केदारनाथ धाम
  • 23 अप्रैल – बद्रीनाथ धाम

रिकॉर्ड पंजीकरण ने बढ़ाई प्रशासन की चुनौती

इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही पंजीकरण ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं।

6 से 16 मार्च के बीच कुल 6,17,853 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया:

  • केदारनाथ – 2,06,622
  • बद्रीनाथ – 1,82,212
  • गंगोत्री – 1,15,763
  • यमुनोत्री – 1,13,256

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार इस वर्ष यात्रियों की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

यात्रा 2026 में लागू होंगे नए नियम

इस बार यात्रा को लेकर कुछ सख्त और चर्चित फैसले लिए गए हैं:

  • मंदिर परिसर में मोबाइल और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध
  • एक निश्चित दूरी तक मोबाइल ले जाना वर्जित
  • रील/वीडियोग्राफी पर रोक
  • मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने पर विशेष जोर

इसके अलावा समिति ने गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव भी पारित किया है, जिसे शासन को भेजा गया है।

तीर्थ पुरोहितों के लिए बड़ा फैसला

तीर्थ पुरोहितों के हितों की सुरक्षा के लिए “तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

शीतकाल में भी नहीं थमी आस्था

कपाट बंद रहने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही। शीतकालीन यात्रा 2025-26 में 16 मार्च तक:

  • योग बदरी मंदिर और नृसिंह मंदिर में 20,054 श्रद्धालु
  • ओंकारेश्वर मंदिर में 31,736 श्रद्धालु पहुंचे

यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं

  • ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप
  • ऑनलाइन पूजा बुकिंग सिस्टम
  • बेहतर पेयजल, बिजली और स्वच्छता व्यवस्था
  • दर्शन पंक्ति और मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण
https://regionalreporter.in/garhwal-university-cultural-competition-2026/
https://youtu.be/N76_vIMnvJ8?si=D64xPFAfLcH8ZoF8
Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *