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NEET Paper Leak 2026: धर्मेंद्र प्रधान ने तोड़ी चुप्पी

Gen-Z प्रदर्शन और इस्तीफे पर कही बड़ी बात

NEET Paper Leak 2026 को लेकर जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z के विरोध प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे को

लेकर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है।

प्रधान ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान Gen-Z को गुमराह करने की कोशिश की गई और इसी घटनाक्रम के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

अब उन्होंने अपने इस्तीफे और छात्र आंदोलन को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

‘Gen-Z हमारे बच्चे हैं, उन्हें गुमराह करने की कोशिश हुई’

प्रधान ने कहा कि Gen-Z हमारे बच्चे हैं और कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन युवाओं की आकांक्षाओं को समझना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारत में हर साल बड़ी संख्या में बच्चे पैदा होते हैं और पिछले 10 वर्षों में करीब 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं।

इन युवाओं की अपनी आकांक्षाएं हैं और यही युवा भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने में योगदान देंगे।

प्रधान ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री का पद उनके लिए जरूरी नहीं था।

प्रधानमंत्री मोदी से की थी इस्तीफे की पेशकश

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था,

और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।

इसके बाद उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

उनके बयान के बाद NEET Paper Leak 2026 को लेकर हुए छात्र आंदोलन और सरकार की भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

नवीन पटनायक पर भी साधा निशाना

ओडिशा के रायराखोल में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने बीजू जनता दल अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा।

उन्होंने BJD कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन और ‘धर्मेंद्र प्रधान गो बैक’ के नारों पर कहा कि वह ऐसे विरोध से परेशान नहीं हैं।

प्रधान ने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि अगर उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाएगा तो वह वापस आएंगे।

प्रधान ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल किया गया।

उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा कोई काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े।

‘भगवान जगन्नाथ और मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से मंत्री बना’

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि करीब 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की देवी समलेश्वरी के आशीर्वाद से वह केंद्रीय मंत्री बने थे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने काम से कभी ओडिशा के लोगों को बदनाम नहीं किया और आगे भी ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे राज्य की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।

प्रधान के बयान के दौरान मंच पर बीजेडी विधायक और ओडिशा विधानसभा में डिप्टी लीडर प्रसन्ना आचार्य भी मौजूद थे।

BJD ने धर्मेंद्र प्रधान पर किया पलटवार

धर्मेंद्र प्रधान के आरोपों पर बीजेडी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। संबलपुर जिला अध्यक्ष

और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने कहा कि किसी ने धर्मेंद्र प्रधान को बदनाम नहीं किया।

पुजारी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज,

आंसू गैस और कथित ज्यादती के कारण प्रधान की आलोचना हुई थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि छात्र आंदोलन से निपटने के लिए पुलिस की कार्रवाई के लिए धर्मेंद्र प्रधान नवीन पटनायक को क्यों जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

NEET आंदोलन और इस्तीफे पर फिर गरमाई सियासत

धर्मेंद्र प्रधान के ताजा बयान के बाद NEET Paper Leak 2026, Gen-Z आंदोलन

और उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।

एक तरफ प्रधान ने युवाओं को गुमराह किए जाने की बात कही है, वहीं BJD ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है।

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