सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना
चारधाम यात्रा से पहले बढ़ा दबाव, बोले-“हर संकट में ड्यूटी, फिर भी उपेक्षा क्यों?”
देहरादून में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जवान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं और 365 दिन रोजगार की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।
“साल में 6 महीने काम, कैसे चलेगा परिवार?”
प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग सालभर रोजगार की गारंटी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई जवानों को सिर्फ 5-6 महीने ही काम मिल पाता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
हर मोर्चे पर ड्यूटी, फिर भी पहचान नहीं
जवानों का कहना है कि उन्होंने हर संकट में अहम भूमिका निभाई है—
- COVID-19 pandemic के दौरान ड्यूटी
- चारधाम यात्रा में व्यवस्था
- केदारनाथ आपदा 2013 में राहत कार्य
मंद्रवाल ने कहा, “जहां पुलिस नहीं पहुंचती, वहां PRD जवान तैनात रहता है… लेकिन हमें आज भी नजरअंदाज किया जा रहा है।”
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे जवानों ने आरोप लगाया कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी उनकी स्थिति नहीं बदली है।
चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भुला दिया जाता है।
“7 लाख परिवार देंगे जवाब”
जवानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो इसका असर आने वाले चुनावों में दिखेगा। उनका दावा है कि करीब 7 लाख PRD परिवार इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देंगे।
चारधाम यात्रा पर पड़ सकता है असर
आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए यह आंदोलन सरकार के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। जवानों का कहना है कि प्रशासन उनकी सेवाओं पर काफी निर्भर है, ऐसे में समाधान न होने पर व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सरोकार: मेहनत बनाम अस्थिर भविष्य
PRD जवानों का आंदोलन सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का मुद्दा भी है।
सवाल यही है जो जवान हर संकट में राज्य की रीढ़ बनते हैं, क्या उन्हें स्थायी रोजगार और अधिकार नहीं मिलने चाहिए?


















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