आक्रोश के बाद प्रशासन ने सफारी जोन किया बंद
कॉर्बेट से सटे अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र के ग्रामसभा तड़म में रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई,
जहां वन्यजीव के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया।
बौरंगा तोक में वन्यजीव का हमला, मौके पर मौत
जानकारी के अनुसार, ग्रामसभा तड़म के बौरंगा तोक निवासी महिपाल सिंह मेहरा पर जंगल में वन्यजीव ने हमला कर दिया।
माना जा रहा है कि यह हमला बाघ या तेंदुए द्वारा किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और वन विभाग के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
ग्रामीणों ने मांग की कि हमलावर वन्यजीव को आदमखोर घोषित कर मार गिराया जाए।
साथ ही मृतक के परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई।
प्रशासन और वन विभाग मौके पर पहुंचे
स्थिति को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
डीएफओ दीपक सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत की और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
लंबी वार्ता के बाद ग्रामीणों और प्रशासन के बीच कई मांगों पर सहमति बनी।
मोहान सफारी जोन अनिश्चितकाल के लिए बंद
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मोहान में सफारी जोन खुलने के बाद वन्यजीवों की आवाजाही गांवों की ओर बढ़ी है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने मोहान सफारी जोन को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
डीएफओ के अनुसार स्टाफ की कमी और हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सुरक्षा और विकास से जुड़े फैसले
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए-
- हमलावर वन्यजीव को ट्रैक करने के लिए शूटआउट की अनुमति
- कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से विशेषज्ञ शूटर टीम की तैनाती
- मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन
- परिवार के एक सदस्य को वन विभाग में समायोजन
- कुमेरिया से तड़म मार्ग पर सोलर लाइट लगाने का निर्णय
- सड़क निर्माण में वन विभाग की आपत्तियां हटाने पर सहमति
निगरानी बढ़ाई गई, पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए गए
वन विभाग ने क्षेत्र में चार पिंजरे लगाए हैं और कैमरा ट्रैप के जरिए निगरानी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया
सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।
महिपाल सिंह का पोस्टमार्टम मोहान स्थित वन विभाग चौकी में चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया।
क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति, बढ़ती चिंता
फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन तथा वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।

















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