मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए घर-घर पहुंच रहे BLO, प्रदेशभर में जारी है विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान
उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत
मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
इसी अभियान के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, नैनीताल विधायक सरिता आर्या और शहर के कई अन्य प्रमुख नागरिकों के घरों पर भी मतदाता सत्यापन के नोटिस पहुंचे हैं।
आम नागरिकों की तरह अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का भी सत्यापन
निर्वाचन विभाग के अनुसार यह प्रक्रिया सभी मतदाताओं पर समान रूप से लागू की जा रही है।
नैनीताल विधायक सरिता आर्या के आवास पर पहुंचे नोटिस में उनसे और उनके छोटे बेटे से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
वहीं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के आवास पर भी सत्यापन प्रक्रिया के तहत नोटिस पहुंचाया गया।
मतदाता सूची को अपडेट करने का अभियान
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं।
अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में नाम, पता, आयु और अन्य जानकारियों से जुड़ी त्रुटियों को दूर कर अंतिम सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना है।
शिकायतों पर शुरू हुई सुनवाई
नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया कि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई शुरू हो चुकी है।
अधिकांश शिकायतें नाम और पते में त्रुटियों से संबंधित हैं।
संबंधित मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं और कमियों को दूर करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि सिस्टम के माध्यम से रिकॉर्ड में मौजूद कई त्रुटियां स्वतः चिन्हित हो रही हैं।
ऐसे सभी मामलों में नोटिस जारी कर सुधार की कार्रवाई की जा रही है और कई आपत्तियों का निस्तारण भी किया जा चुका है।
13 अगस्त तक चलेगा अभियान
प्रदेश में 14 जुलाई से फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है, जो 13 अगस्त तक चलेगी।
- फॉर्म-6: नए मतदाता पंजीकरण के लिए
- फॉर्म-7: नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए
- फॉर्म-8: नाम, पता, उम्र या अन्य विवरण में संशोधन के लिए
19 लाख मतदाताओं को भेजे जा रहे नोटिस
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार प्रदेश में करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी न किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई है।
इन्हें चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं ताकि निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत कर रिकॉर्ड में सुधार कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि अभी भी लगभग 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है।
इन तक पहुंचने और उनका सत्यापन पूरा करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि अंतिम मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक छूटने न पाए और सभी रिकॉर्ड पूरी तरह सही व अद्यतन हों।















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