श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में डॉ. वैभव नौडियाल का असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ है।
उनकी नियुक्ति की खबर से श्रीनगर और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
डॉ. वैभव नौडियाल मूल रूप से श्रीनगर गढ़वाल के डांग क्षेत्र के रहने वाले हैं।
स्थानीय लोगों, शुभचिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी सफलता पर बधाई दी है।
श्रीनगर से मेडिकल कॉलेज तक का सफर
डॉ. वैभव ने प्रारंभिक शिक्षा श्रीनगर के कॉन्वेंट स्कूल से हासिल की।
इसके बाद उन्होंने सरकारी सीट पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से चिकित्सा शिक्षा पूरी की।
चिकित्सा शिक्षा के बाद उन्होंने अस्थि रोग के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं।
मरीजों के उपचार के साथ जटिल मामलों में सफल ऑपरेशन भी उनकी चिकित्सकीय यात्रा का हिस्सा रहे हैं।
85 वर्षीय मरीज के कूल्हे का किया सफल ऑपरेशन
डॉ. वैभव नौडियाल का नाम गोपेश्वर जिला अस्पताल में किए गए एक सफल कूल्हे के ऑपरेशन को लेकर भी सामने आया था।
2023 में उनकी टीम ने 85 वर्षीय नंदलाल के टूटे हुए कूल्हे का सफल ऑपरेशन किया था।
हादसे में मरीज के कूल्हे की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मरीज करीब छह महीने से बिस्तर पर थे और चलने-फिरने में असमर्थ थे।
ऑपरेशन के बाद वे दोनों पैरों पर खड़े होने की स्थिति में पहुंच गए थे।
यह ऑपरेशन डॉ. वैभव की टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया था।
इससे उनकी चिकित्सकीय दक्षता और जटिल मामलों को संभालने की क्षमता सामने आई।
परिवार में भी शिक्षा और चिकित्सा की मजबूत पृष्ठभूमि
डॉ. वैभव नौडियाल के परिवार का शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र से पुराना जुड़ाव रहा है।
उनकी माता ममता नौडियाल सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं।
उनके पिता बीपी नौडियाल भी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रहे हैं।
उनके छोटे भाई भी चिकित्सक हैं और खिर्सू अस्पताल में सेवाएं दे चुके हैं।
वर्तमान में उनके छोटे भाई पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे परिवार में पले-बढ़े डॉ. वैभव ने चिकित्सा क्षेत्र को अपने करियर के रूप में चुना।
परिवार का स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ाव
डॉ. वैभव नौडियाल के परिवार का देशसेवा से भी पुराना संबंध रहा है। उनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं।
परिवार की इस पृष्ठभूमि को भी डॉ. वैभव की उपलब्धि से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी सफलता परिवार के साथ श्रीनगर क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है।
अब श्रीनगर में देंगे चिकित्सा शिक्षा और सेवाएं
अस्थि रोग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चयन के बाद डॉ. वैभव की जिम्मेदारी केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं रहेगी।
मेडिकल कॉलेज में वे चिकित्सा छात्रों को पढ़ाने के साथ अस्थि रोग से जुड़े मरीजों के उपचार में भी योगदान देंगे।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ क्षेत्र के मरीजों और मेडिकल छात्रों को मिलेगा।
डॉ. वैभव के चयन पर उनके बड़े भाई, सामाजिक कार्यकर्ता और होटल कारोबारी सुधांशु नौडियाल समेत क्षेत्र के लोगों ने खुशी जताई है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि परिवार के लिए खुशी के साथ श्रीनगर क्षेत्र के लिए भी सम्मान की बात है। लोगों ने डॉ. वैभव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।















Leave a Reply