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सरोकारों से साक्षात्कार

सोमेश्वर में शौचालय की बदहाली पर उठे सवाल

मंत्री ने दिए हाईटेक शौचालय के निर्देश

उत्तराखंड में सार्वजनिक शौचालयों की बदहाली का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।

सोमेश्वर क्षेत्र की एक युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर महिलाओं की परेशानी उठाई।

इसके बाद प्रशासन और सरकार में हलचल तेज हो गई।

युवती ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान उनकी सहेली को सोमेश्वर बाजार में शौचालय की जरूरत पड़ी।

चौराहे पर एक रेस्टोरेंट संचालक से शौचालय इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई।

आरोप है कि अनुमति नहीं मिलने पर उन्हें तल्ली बाजार स्थित सार्वजनिक शौचालय जाने को कहा गया।

दरवाजे के बिना शौचालय, महिलाओं की परेशानी

युवती के अनुसार, काफी तलाश के बाद जब वे तल्ली बाजार के सार्वजनिक शौचालय पहुंचीं तो वहां दरवाजा तक नहीं था।

ऐसी स्थिति में उनकी सहेली को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

वीडियो में युवती ने सवाल उठाया कि जब बाजार में महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध नहीं है,

तो दूर-दराज के गांवों से आने वाली महिलाएं जरूरत के समय कहां जाएं।

उन्होंने कहा कि सोमेश्वर बाजार में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं खरीदारी, इलाज और सरकारी कामों के लिए पहुंचती हैं।

सामाजिक झिझक के कारण कई महिलाएं इस समस्या को लेकर आवाज नहीं उठा पातीं।

मंत्री रेखा आर्या ने दिए निर्माण के निर्देश

मामला सामने आने के बाद कैबिनेट मंत्री और सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या ने मुख्य बाजार में आधुनिक हाईटेक सार्वजनिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री ने जिला पंचायती राज अधिकारी, अल्मोड़ा को भेजे पत्र में सोमेश्वर घाटी सेवा समूह, ग्राम सुकराड़ और स्थानीय लोगों के संयुक्त हस्ताक्षर वाले पत्र का भी उल्लेख किया है।

पत्र में कहा गया है कि सोमेश्वर मुख्य बाजार व्यापार और आवागमन का प्रमुख केंद्र है।

यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं होने से महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को परेशानी होती है।

मंत्री ने व्यापक जनहित, जनसुविधा और स्वच्छता को देखते हुए बाजार में आधुनिक हाईटेक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सवाल अब निर्माण और व्यवस्था पर

सोशल मीडिया पर उठी इस आवाज ने सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना होगा कि निर्माण के निर्देश कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं।

इसके साथ ही पुराने शौचालयों की सफाई, रखरखाव और नियमित संचालन की व्यवस्था भी जरूरी है।

क्योंकि शौचालय बनने के बाद उनका उपयोग सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से हो, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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