हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में छात्रसंघ चुनाव का माहौल गर्माने लगा है।
चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद छात्र संगठनों और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है।
इसी बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे पंकज फरसवाण ने संगठन बदल लिया है।
पंकज फरसवाण अब आर्यन संगठन से महासचिव पद के लिए चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
उनके इस फैसले के बाद बिड़ला परिसर की छात्र राजनीति में समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है।
अध्यक्ष की दावेदारी से महासचिव तक बदला समीकरण
पंकज फरसवाण पहले ABVP से अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार बताए जा रहे थे।
अब संगठन बदलकर महासचिव पद से चुनाव लड़ने के फैसले ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
हालांकि अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसके बाद यह साफ होगा कि कौन-कौन प्रत्याशी किस पद पर चुनाव लड़ रहा है।

11 सितंबर को होगा मतदान
गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में छात्रसंघ चुनाव 2026-27 के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एमसी सती ने चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है।
चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह-सचिव और कोषाध्यक्ष सहित छह कार्यकारिणी सदस्यों का निर्वाचन होगा।
इसके साथ विश्वविद्यालय छात्रसंघ प्रतिनिधि यानी यूआर का भी चुनाव कराया जाएगा।
2 और 3 सितंबर को नामांकन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2 सितंबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक नामांकन पत्र जमा होंगे।
3 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे।
5 सितंबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी।
इसी दिन शाम 5 बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची घोषित की जाएगी। नामांकन वापसी की प्रक्रिया भी 5 सितंबर को होगी।
11 सितंबर को मतदान और मतगणना
बिड़ला परिसर में 11 सितंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होगी।
मतगणना पूरी होने के बाद उसी दिन छात्रसंघ चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण 12 सितंबर को सुबह 10 बजे एसीएल हॉल में होगा।

चुनाव खर्च की सीमा ₹5 हजार
विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार प्रत्येक प्रत्याशी अधिकतम ₹5,000 तक चुनावी खर्च कर सकेगा। इससे अधिक खर्च होने पर निर्वाचन निरस्त किया जा सकता है।
प्रत्याशियों को परिणाम घोषित होने के दो सप्ताह के भीतर चुनावी खर्च का प्रमाणित विवरण मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा।
75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
छात्रसंघ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की संबंधित कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है।
प्रत्याशी, प्रस्तावक और अनुमोदक का बिड़ला परिसर का नियमित या संस्थागत विद्यार्थी होना भी जरूरी है।
स्नातक स्तर पर प्रत्याशी की आयु 1 जुलाई 2026 को 17 से 22 वर्ष और स्नातकोत्तर स्तर पर अधिकतम 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में निर्धारित नियमों के अनुसार आयु सीमा में एक वर्ष की छूट का प्रावधान है।
प्रचार और मतदान को लेकर भी नियम
विश्वविद्यालय द्वारा छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह समिति की संस्तुतियों सहित निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।
मतदान के दिन परिसर में किसी भी तरह की प्रचार सामग्री लेकर प्रवेश नहीं किया जा सकेगा।
नियमों का उल्लंघन होने पर प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और नामांकन या निर्वाचन भी अवैध घोषित हो सकता है।
बराबर वोट मिले तो लॉटरी से फैसला
यदि किसी पद पर दो या उससे अधिक प्रत्याशियों को बराबर मत मिलते हैं, तो विजेता का फैसला लॉटरी यानी ड्रा प्रक्रिया से किया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही बिड़ला परिसर में छात्र राजनीति तेज हो गई है।
अब सभी की नजर नामांकन पर है, जहां तस्वीर साफ होगी कि पंकज फरसवाण समेत कौन-कौन मैदान में उतरता है।















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