FUE तकनीक से होगा ट्रांसप्लांट, पहाड़ के मरीजों को दूसरे शहरों की दौड़ से मिलेगी राहत
बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या से परेशान लोगों के लिए श्रीनगर से राहत की खबर सामने आई है।
बेस अस्पताल श्रीकोट के त्वचा रोग विभाग में अब हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू कर दी गई है।
इस सुविधा के तहत मरीजों का FUE तकनीक से हेयर ट्रांसप्लांट किया जाएगा। इससे स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।
निजी अस्पतालों का चक्कर होगा कम
अब तक हेयर ट्रांसप्लांट कराने के लिए पहाड़ के कई मरीजों को देहरादून या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था।
इस प्रक्रिया में आने-जाने के साथ रहने और इलाज का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है।
श्रीनगर में सुविधा शुरू होने से आसपास के जिलों के मरीजों को अपने क्षेत्र में ही उपचार का विकल्प मिलेगा।
कैसे होता है FUE हेयर ट्रांसप्लांट?
FUE यानी Follicular Unit Extraction में बालों की जड़ों को डोनर एरिया से अलग-अलग निकाला जाता है।
आमतौर पर सिर के पीछे या किनारे वाले हिस्से में मौजूद मजबूत बालों की जड़ों का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके बाद इन फॉलिकल्स को उन हिस्सों में लगाया जाता है, जहां बाल कम हो गए हैं या गंजापन दिखाई देता है।
पहाड़ में बढ़ी आधुनिक इलाज की सुविधा
हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होना बेस अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
श्रीनगर गढ़वाल लंबे समय से आसपास के पर्वतीय जिलों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम करता है।
ऐसे में त्वचा रोग से जुड़ी इस आधुनिक सुविधा का लाभ श्रीनगर के अलावा दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को भी मिल सकता है।
मरीजों को समय और खर्च दोनों में राहत
स्थानीय स्तर पर हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलने से मरीजों को लंबी यात्रा से राहत मिलेगी।
साथ ही इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम हो सकता है।
बेस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सुविधा मिलने से मरीजों को अपने क्षेत्र में उपचार का विकल्प उपलब्ध हुआ है।
अस्पताल में लगातार चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। हेयर ट्रांसप्लांट सेवा की शुरुआत इसी दिशा में एक नई पहल मानी जा रही है।















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