18 महीने में पूरा होगा काम, 49 करोड़ की लागत से होगा ट्रीटमेंट
केबल नेट, सुरक्षा दीवार और जल निकासी समेत आधुनिक तकनीकों से स्थिर की जाएगी पहाड़ी
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन का स्थायी उपचार शुरू हो गया है।
पूजा-अर्चना के साथ करीब 49 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस काम को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बारिश में सबसे ज्यादा बढ़ती है परेशानी
रुद्रप्रयाग-पौड़ी गढ़वाल सीमा पर स्थित सिरोबगड़ लंबे समय से भूस्खलन की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा और पत्थर हाईवे पर गिरते हैं।
इससे ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित होता है। चारधाम यात्रा के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है।
हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी जाम में फंसना पड़ता है।
50 हजार घनमीटर कमजोर हिस्सा हटेगा
एनएच खंड रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय के अनुसार, पहाड़ी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा।
परियोजना के पहले चरण में करीब 50 हजार घनमीटर ढीले पत्थर और कमजोर चट्टानी हिस्से हटाए जाएंगे। इससे पहाड़ी का अस्थिर भार कम होगा।
इसके बाद भूस्खलन प्रभावित हिस्सों को आधुनिक तकनीक से स्थिर किया जाएगा।
केबल नेट से मजबूत होगी पहाड़ी
कमजोर चट्टानों को रोकने के लिए पहाड़ी पर केबल नेट लगाया जाएगा। जरूरत के अनुसार सुरक्षा दीवारों का भी निर्माण किया जाएगा।
कुछ स्थानों पर कंक्रीट संरचनाओं के साथ गहरी नींव वाली दीवारें बनाई जाएंगी। इससे पहाड़ी को लंबे समय तक स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
बारिश के पानी के कटाव पर भी नियंत्रण
परियोजना में बारिश के पानी से होने वाले कटाव को रोकने के उपाय भी शामिल हैं। प्रभावित हिस्सों में विशेष कंक्रीट सुरक्षा परत बिछाई जाएगी।
इसके अलावा पानी की निकासी और पहाड़ी की सुरक्षा के लिए जरूरी संरचनाएं बनाई जाएंगी।
इससे बारिश के दौरान मिट्टी और चट्टानों के कमजोर होने का खतरा कम होगा।
चारधाम यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
सिरोबगड़ का स्थायी उपचार चारधाम यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह मार्ग बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाले वाहनों के लिए प्रमुख रास्तों में शामिल है।
काम पूरा होने के बाद बारिश के दौरान बार-बार हाईवे बाधित होने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है।
करीब 60 साल से सक्रिय है सिरोबगड़
सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच स्थित है। यह लंबे समय से सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र है।
सिरोबगड़ को बदरीनाथ हाईवे के पुराने और संवेदनशील डेंजर जोन में गिना जाता है। करीब छह दशक से यहां भूस्खलन की समस्या बनी हुई है।
अब 49 करोड़ रुपये की परियोजना से इस संवेदनशील हिस्से के स्थायी उपचार की उम्मीद जगी है।















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