भावनगर पुलिस पर उठे सवालग
लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी को बस स्टैंड पर लाठियों से पीटने का वीडियो वायरल, पुलिस इंस्पेक्टर ने कार्रवाई का बचाव किया
गुजरात के भावनगर में हत्या के आरोपी की पुलिस द्वारा सरेआम पिटाई का वीडियो सामने आया है।
घटना ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि पुलिस ने बस स्टैंड पर क्राइम सीन रीक्रिएशन के बाद आरोपी को लाठियों से पीटा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन के बाद पिटाई
मामला 5 सितंबर का बताया जा रहा है। नीलमबाग पुलिस आरोपी फैसल उर्फ खटकी लखानी को भावनगर के एसटी बस स्टैंड लेकर पहुंची थी।
पुलिस यहां हत्या की घटना को दोबारा समझने के लिए क्राइम सीन रीक्रिएशन कर रही थी।
इसी दौरान आरोपी की पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर सरेआम पिटाई की।
वायरल वीडियो में आरोपी कई पुलिसकर्मियों से घिरा दिखाई दे रहा है। पुलिसकर्मी उसे काबू करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं।
पुलिस इंस्पेक्टर ने कार्रवाई का बचाव किया
रिपोर्ट के मुताबिक, नीलमबाग पुलिस इंस्पेक्टर डीपी उनादकट भी मौके पर मौजूद थे।
उन पर भी आरोपी की पिटाई में शामिल होने का आरोप है।
इंस्पेक्टर ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि आरोपी को सबके सामने सजा दी गई, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
हालांकि, पुलिस द्वारा किसी आरोपी को सार्वजनिक रूप से पीटना कानूनी और मानवाधिकार के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस की कार्रवाई पर क्यों उठे सवाल?
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब गुजरात पुलिस को आरोपियों के साथ व्यवहार को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
मई 2026 में तत्कालीन प्रभारी डीजीपी डॉ. केएलएन राव ने पुलिसकर्मियों के लिए निर्देश जारी किए थे।
इनमें आरोपी की सार्वजनिक बेइज्जती या परेड कराने पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के डीके बसु दिशानिर्देश भी हिरासत में व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार और यातना को लेकर पुलिस की जिम्मेदारी तय करते हैं।
इस मामले में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी की सार्वजनिक पिटाई किस नियम के तहत की गई।
क्या है भावनगर का पूरा मामला?
पुलिस ने 20 वर्षीय फैसल उर्फ खटकी लखानी को 40 वर्षीय काजलबेन बरैया की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर को भावनगर के एसटी बस स्टैंड पर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
इसके बाद आरोपी ने काजलबेन के साथ कथित तौर पर मारपीट की।
काजलबेन गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। 4 सितंबर को अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, घटना बस स्टैंड के सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हुई थी।
विवाद की वजह को लेकर अलग-अलग दावे
पुलिस के अनुसार, फैसल को काजलबेन और उसके दोस्त रवि के बीच संबंध होने का शक था।
इसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।
वहीं, रवि ने पुलिस को बताया कि विवाद शराब पीने को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद मामला मारपीट में बदल गया।
पुलिस का आरोप है कि फैसल ने काजलबेन को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा। बीच-बचाव करने पहुंचे रवि के साथ भी मारपीट की गई।
हत्या के आरोप में दर्ज है केस
काजलबेन की मां की शिकायत पर पुलिस ने फैसल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
हालांकि, हत्या के मामले में आरोपी की दोषसिद्धि अभी नहीं हुई है। अदालत में मामला साबित होने तक उसे आरोपी के रूप में ही देखा जाएगा।
अब पुलिस की कार्रवाई भी जांच के घेरे में
हत्या के मामले में जांच के लिए क्राइम सीन रीक्रिएशन पुलिस की जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
लेकिन उसके बाद आरोपी की सार्वजनिक पिटाई ने अलग विवाद खड़ा कर दिया है।
वायरल वीडियो के बाद अब पुलिस की इस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की जांच या विभागीय कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।















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