PG डॉक्टरों का आंदोलन जारी
धामी सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट ने उनका मासिक स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सरकार के फैसले के बाद राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के MBBS इंटर्न ने अपना धरना और कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया।
हालांकि, PG जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का आंदोलन अभी जारी है।
स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं होने से PG डॉक्टरों ने पूर्व की तरह धरना और कार्य बहिष्कार जारी रखने का फैसला किया है।
30 हजार की मांग, 25 हजार पर बनी सहमति
MBBS इंटर्न डॉक्टर पिछले कुछ दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
उनका कहना था कि 17 हजार रुपये का मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।
इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की थी।
कैबिनेट ने फिलहाल इसे 25 हजार रुपये करने का फैसला लिया है।
इंटर्न डॉक्टर डॉ. कुणाल, डॉ. ग्रवित, डॉ. भूमि और डॉ. श्रुति ने सरकार के फैसले पर संतोष जताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी जताया।
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे सरकार के फैसले की जानकारी मिली।
इसके बाद उन्होंने धरना और कार्य बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया।
पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न को मिलेगा लाभ
कैबिनेट के फैसले का लाभ उत्तराखंड के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे MBBS इंटर्न को मिलेगा।
इनमें श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
इन सभी संस्थानों में MBBS के साथ PG पाठ्यक्रम भी संचालित हो रहे हैं।
सरकार के अनुसार, इन मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े बड़ी संख्या में डॉक्टर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
PG जूनियर रेजिडेंट बोले- 10 साल से नहीं हुआ इंक्रीमेंट
दूसरी ओर PG जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर स्टाइपेंड को लेकर नाराज हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के PG डॉक्टरों ने कहा कि उनके स्टाइपेंड में लंबे समय से अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।
PG जूनियर रेजिडेंट डॉ. अभिजीत राठी, डॉ. नीरज यादव, डॉ. अनूठी और डॉ. रक्स नंदा ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के हित को देखते हुए इमरजेंसी और ICU सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी।
डॉक्टरों ने कहा कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और मजबूत किया जा सकता है।
सरकार के फैसले से MBBS इंटर्न को राहत
MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में आठ हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यानी अब उन्हें पहले के 17 हजार रुपये के बजाय न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
कैबिनेट के फैसले की जानकारी राज्य के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने दी।
उन्होंने बताया कि पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले से MBBS इंटर्न का आंदोलन तो समाप्त हो गया है, लेकिन PG डॉक्टरों की मांग अभी बनी हुई है।
ऐसे में अब नजर सरकार और PG रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर रहेगी।

















Leave a Reply