गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर से लेकर श्रीनगर बाजार तक जीत का जश्न देखने को मिल रहा है।
अलग-अलग पदों पर जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशियों के समर्थक जुलूस निकालकर खुशी का इजहार कर रहे हैं।
अपर बाजार में भी विजयी प्रत्याशियों के समर्थन में निकले जुलूस में समर्थकों का उत्साह देखने को मिला।
चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अध्यक्ष हिमांशु भंडारी, उपाध्यक्ष पुलकित अग्रवाल, महासचिव मयंक बहुगुणा, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि युवराज सिंह और सह-सचिव अमन कुनियाल ने छात्रों का आभार जताया।
विजेता प्रत्याशियों ने कहा कि यह जीत केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों के भरोसे की है, जिन्होंने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है।
अध्यक्ष हिमांशु बोले- छात्रों का भरोसा टूटने नहीं दूंगा
छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने वाले हिमांशु भंडारी के समर्थन में समर्थकों ने अपर बाजार में जुलूस निकाला।
जुलूस सराफ धर्मशाला के पास पहुंचा, जहां समर्थकों ने हिमांशु का स्वागत किया।
हिमांशु ने अपनी जीत को खुशी का दिन बताते हुए कहा कि गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने छात्रों से जिन मुद्दों को लेकर वादे किए हैं, अब उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी है।
हिमांशु ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के विश्वास को टूटने नहीं देंगे और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
हिमांशु ने अपने लंबे संघर्ष का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि लगातार संघर्ष और प्रयास करते रहने से सफलता जरूर मिलती है।
उनके मुताबिक, कई वर्षों के प्रयास के बाद मिली यह जीत उनके लिए विशेष मायने रखती है।

उपाध्यक्ष पुलकित अग्रवाल ने गिनाईं प्राथमिकताएं
उपाध्यक्ष पद पर पुलकित अग्रवाल ने 945 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
जीत के बाद उन्होंने अपने लंबे छात्र संघर्ष और चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।
पुलकित ने कहा कि वह वर्ष 2021 से छात्र आंदोलनों और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
उनके मुताबिक, विश्वविद्यालय के छात्रों ने उनके वर्षों के संघर्ष पर भरोसा जताया और उन्हें उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जारी किए गए घोषणापत्र में छात्रों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया था।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और लाइब्रेरी के रीडिंग रूम की क्षमता बढ़ाने की बात भी कही गई थी।
पुलकित ने कहा कि अब इन मुद्दों को केवल घोषणापत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा।
वह छात्र-छात्राओं की समस्याओं को विश्वविद्यालय स्तर पर उठाने और उनके समाधान के लिए काम करेंगे।
जीत का श्रेय संगठन और छात्रों को
पुलकित अग्रवाल ने अपनी जीत का श्रेय संगठन के वरिष्ठ साथियों, कोर टीम और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को दिया।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उनकी टीम ने दिन-रात मेहनत की।
उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें उपाध्यक्ष चुना है,
उनके प्रति उनकी जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है।
पुलकित ने अपने परिवार के सहयोग का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि माता-पिता ने चुनाव लड़ने के दौरान उनका पूरा समर्थन किया और जीत के बाद प्रत्येक छात्र के हित में काम करने की सीख दी।
महासचिव मयंक बहुगुणा ने छात्रवाद को बताया प्राथमिकता
महासचिव पद पर एनएसयूआई के मयंक बहुगुणा ने 353 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
जीत के बाद मयंक ने इसे अपनी व्यक्तिगत जीत के बजाय पूरे विश्वविद्यालय के छात्रों की जीत बताया।
मयंक ने कहा कि एक किसान परिवार के बेटे को विश्वविद्यालय का महासचिव चुनकर छात्रों ने यह
भरोसा जताया है कि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला छात्र भी छात्र राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि वह पिछले चार वर्षों से छात्रों के बीच लगातार सक्रिय रहे हैं।
अब महासचिव के तौर पर भी उनका प्रयास छात्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाने का रहेगा।

जाति और क्षेत्र से ऊपर छात्र हित की बात
मयंक बहुगुणा ने कहा कि उनका संगठन हर छात्र और हर वर्ग के छात्र को समान मानने की बात करता है।
उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति का आधार जातिवाद और क्षेत्रवाद नहीं, बल्कि छात्र हित होना चाहिए।
मयंक के मुताबिक, आने वाले समय में उनका फोकस सिर्फ और सिर्फ छात्रवाद पर रहेगा।
उन्होंने अपनी जीत का श्रेय भी विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं को दिया।
उन्होंने कहा कि यह केवल मयंक बहुगुणा की जीत नहीं है, बल्कि पूरा गढ़वाल विश्वविद्यालय आज महासचिव के तौर पर उनके साथ खड़ा है।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि युवराज ने लैब-लाइब्रेरी सुधार का मुद्दा उठाया
विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर आईसा के युवराज सिंह ने जीत दर्ज की।
चुनाव के दौरान युवराज ने शिक्षा के लिए बजट बढ़ाने सहित छात्र सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।
जीत के बाद उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों ने उन पर भरोसा जताया है।
अब उनकी कोशिश होगी कि वह हर छात्र की आवाज बनकर काम करें।
युवराज ने विशेष तौर पर लैब, लाइब्रेरी और विश्वविद्यालय के अकादमिक माहौल को बेहतर बनाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
युवराज ने अपनी जीत के लिए साथियों और समर्थकों का भी आभार जताया।
उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी छात्रों के भरोसे से मिली है और इसे पूरी गंभीरता से निभाया जाएगा।

निर्दलीय अमन कुनियाल की जीत ने भी खींचा ध्यान
छात्रसंघ चुनाव में बड़े छात्र संगठनों के बीच निर्दलीय प्रत्याशी अमन कुनियाल ने भी जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
अमन ने कहा कि उन्होंने चुनावी सफर की शुरुआत अपने विभाग और कॉलेज के स्तर से की थी।
उनके मुताबिक, उन्हें शुरुआत में उम्मीद नहीं थी कि पूरे विश्वविद्यालय से इतना समर्थन मिलेगा।
लेकिन छात्रों के लगातार मिले समर्थन ने उन्हें चुनाव में आगे बढ़ाया।
अमन ने कहा कि उन्होंने किसी राजनीतिक दल या छात्र संगठन का समर्थन नहीं लिया।
इसके बावजूद छात्रों ने जिस तरह उन्हें प्यार और समर्थन दिया, वह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उनका लक्ष्य अपने विभाग के लिए काम करना था, लेकिन विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों से भी मिले समर्थन ने उनके दायरे को बढ़ा दिया।
अब वादों को पूरा करने की चुनौती
गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के नतीजों के बाद विजयी प्रत्याशियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती छात्रों के भरोसे पर खरा उतरने की है।
चुनाव के दौरान हेल्थ इंश्योरेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी, लैब, अकादमिक माहौल और छात्र हित जैसे कई मुद्दे उठाए गए थे।
अब छात्रों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई छात्रसंघ टीम इन मुद्दों को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाती है।
जीत के जश्न के बीच विजेता प्रत्याशियों ने अपने-अपने स्तर पर काम करने का भरोसा दिया है।
अब आने वाले समय में उनके चुनावी वादों और जमीनी काम के बीच कितना अंतर रहता है, यह देखना अहम होगा।

















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