अब FIR की तैयारी
उत्तराखंड में NEET के जरिए MBBS दाखिले में कथित फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
जांच के बाद चार अभ्यर्थियों के दाखिले रद्द कर दिए गए हैं।
यह कार्रवाई स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे से जुड़े प्रमाणपत्रों की जांच के बाद हुई है।
एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय ने इन चारों दाखिलों को निरस्त कर सीटों को खाली मान लिया है।
चार अभ्यर्थियों ने लगाया एक ही प्रमाणपत्र
रिपोर्ट के मुताबिक, तृप्ति, स्वाति, खुशी और परी नाम की चार छात्राओं ने दाखिले के लिए धर्मवीर वर्मा के नाम का एक ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिचय पत्र लगाया था।
प्रशासन ने रिकॉर्ड की जांच की तो संबंधित नाम का स्वतंत्रता सेनानी पंजिका में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
इसके बाद आवेदन में दिए गए पतों की भी जांच की गई।
जांच के दौरान तीन अभ्यर्थियों के बताए पते पर उनके रहने की पुष्टि नहीं हो सकी।
प्रशासन ने दस्तावेजों और पतों की जांच के बाद चारों प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए।
डीएम के निर्देश पर हुई जांच
मामला सामने आने के बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा था।
इसके बाद डीएम डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई।
एडीएम प्रशासन स्मृता परमार के नेतृत्व में टीम ने अभ्यर्थियों के पते, मोबाइल नंबर और दस्तावेजों की जांच की।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमाणपत्रों को निरस्त करने की कार्रवाई हुई।
अब FIR दर्ज कराने की तैयारी
प्रशासन ने इस मामले में तहसीलदार को FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
संबंधित अभ्यर्थियों और कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
उत्तराखंड न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की टीम अभ्यर्थियों के बताए पते पर पहुंची,
लेकिन संबंधित अभ्यर्थी और उनके परिजन वहां नहीं मिले।
मामले में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, किसी अधिकारी की जिम्मेदारी अभी जांच से साबित नहीं हुई है।
चार सीटें अगली काउंसलिंग में शामिल होंगी
एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के मुताबिक,
चारों सीटों को रिक्त मानकर अगले चरण की काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने भी बताया कि जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर दाखिले निरस्त किए गए हैं।
इन सीटों को अब खाली माना गया है।
फर्जी प्रमाणपत्रों के नेटवर्क की भी जांच
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में कई दस्तावेजों और पतों को लेकर सवाल सामने आए हैं।
प्रशासन की टीम संबंधित पते और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल चार प्रमाणपत्र और उनसे जुड़े MBBS दाखिले निरस्त किए जा चुके हैं।
FIR के बाद जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट होगा कि फर्जी प्रमाणपत्र किस स्तर पर तैयार हुए और सत्यापन प्रक्रिया में कहां चूक हुई।















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