चौरास में कार्यक्रम स्थल से पहले पुलिस ने रोका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘युवा से संवाद’ कार्यक्रम के दौरान रविवार को चौरास में LUCC पीड़ित महिलाओं और पुलिस के बीच स्थिति सामने आई।
सरस्वती देवी के नेतृत्व में महिलाएं मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंची थीं।
महिलाएं अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहती थीं।
हालांकि, पुलिस ने महिलाओं को कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया।
सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
CM से मिलने की मांग करती रहीं महिलाएं
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद महिलाएं वहीं खड़ी रहीं और मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग करती रहीं।
महिलाओं का कहना था कि वे अपनी समस्या मुख्यमंत्री तक पहुंचाने आई हैं।
मामले के दौरान महिलाओं में नाराजगी भी देखने को मिली।
उनका कहना था कि लंबे समय से LUCC मामले को लेकर वे अपनी आवाज उठा रही हैं और अब मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखना चाहती हैं।

24 फरवरी से 8 मार्च तक किया पैदल मार्च
LUCC पीड़ित महिलाओं का आंदोलन पहले भी चर्चा में रहा है।
अपनी शिकायत और मांगों को लेकर महिलाओं ने 24 फरवरी से 8 मार्च तक श्रीनगर से दिल्ली तक पैदल मार्च किया था।
करीब 350 किलोमीटर की इस पदयात्रा का उद्देश्य राष्ट्रपति तक अपनी बात पहुंचाना था।
महिलाओं की इस मुहिम में सरस्वती देवी की भूमिका भी सामने आई थी।
दिल्ली पहुंचने के बाद LUCC पीड़ितों की ओर से उत्तराखंड के सांसदों के सामने भी अपनी समस्याएं उठाई गई थीं।
अब मुख्यमंत्री से मुलाकात की कोशिश
राष्ट्रपति भवन तक अपनी आवाज पहुंचाने के बाद अब मुख्यमंत्री के चौरास पहुंचने पर महिलाओं ने उनसे सीधे मुलाकात की कोशिश की।
‘युवा से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री युवाओं से बातचीत करने पहुंचे थे।
इसी दौरान LUCC पीड़ित महिलाओं के पहुंचने और उन्हें रोके जाने का मामला सामने आया।
अब सवाल यह है कि लंबे समय से आंदोलन कर रही इन महिलाओं को मुख्यमंत्री से मुलाकात का मौका कब मिलेगा,
और उनकी शिकायतों पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।















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