पौड़ी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार की सक्रियता लंबे समय से चिंता का कारण बनी हुई है।
आवासीय बस्तियों और गांवों के आसपास गुलदार दिखने की सूचनाएं लगातार सामने आती रही हैं।
हालांकि, पिछले कुछ समय से कोई बड़ा हमला सामने नहीं आया था। अब इडवालस्यूं क्षेत्र के कंडी गांव में महिला पर हुए हमले ने ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ा दी है।
घर लौट रही महिला पर अचानक किया हमला
कंडी गांव निवासी इंदु देवी भंडारी गुरुवार शाम गांव की गौशाला में काम करने गई थीं।
काम खत्म करने के बाद वह करीब साढ़े छह बजे पैदल अपने घर लौट रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला के चेहरे पर चोटें आई हैं और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
इसके बाद घायल इंदु देवी को उपचार के लिए जिला अस्पताल पौड़ी ले जाया गया। अ
स्पताल में महिला का उपचार कराया गया है और घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। शाम के समय ग्रामीणों को अकेले आवाजाही करने में भी डर लग रहा है।
ढाई से तीन महीने बाद फिर हुआ हमला
जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार और ग्राम प्रधान चवथ शंकर नौटियाल ने बताया कि क्षेत्र में पहले भी गुलदार की आवाजाही देखी जाती रही है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब ढाई से तीन महीने के अंतराल के बाद गुलदार ने दोबारा इंसान पर हमला किया है।
इससे पहले गांव और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार की मौजूदगी से लोगों में लगातार डर बना हुआ था।
कुछ समय तक स्थिति सामान्य रहने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी।
अब महिला पर हुए हमले के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम के समय बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
पशुपालकों को अपने मवेशियों की सुरक्षा की भी चिंता सता रही है। ग्राम प्रधान ने हमले वाली जगह पर निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने की मांग की है।
ट्रैप कैमरों से रखी जाएगी गुलदार पर नजर
पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र में वन विभाग की टीम गश्त करेगी।
गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही क्षेत्र में पिंजरा लगाने की भी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखकर आगे की कार्रवाई करेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की लगातार सक्रियता को देखते हुए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
उनका कहना है कि अभी से निगरानी और गश्त बढ़ाई गई तो लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
फिलहाल महिला पर हमले के बाद कंडी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अब वन विभाग की कार्रवाई और गश्त बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।















Leave a Reply