सरकारी निरीक्षण भवनों को लीज पर देने का विरोध
रुद्रप्रयाग के दुग्गल बिट्टा में सरकारी निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में देने के विरोध में कांग्रेस ने आंदोलन शुरू कर दिया है।
कांग्रेस कार्यकर्ता तुंगनाथ घाटी के स्थानीय लोगों के साथ दुग्गल बिट्टा स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन पहुंचे।
यहां भवन पर रक्षा सूत्र बांधकर सरकारी संपत्ति की रक्षा का संकल्प लिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी भूमि और भवनों को बाहरी समूहों को लंबी अवधि की
लीज पर देने की किसी भी प्रक्रिया का विरोध किया जाएगा।
तीन निरीक्षण भवनों को लीज पर देने का आरोप
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, दुग्गल बिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी के तीन निरीक्षण भवनों को
होटल निर्माण के लिए लंबी अवधि की लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है।
पार्टी का दावा है कि इन संपत्तियों को बड़े बाहरी समूहों को 90 साल तक की लीज पर देने की तैयारी है।
कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर दुग्गल बिट्टा से आंदोलन की शुरुआत की है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि निरीक्षण भवन और उनसे जुड़ी जमीन सार्वजनिक संपत्ति है।
उनके मुताबिक, पर्यटन विकास के नाम पर इन्हें निजी समूहों को सौंपने से पहले स्थानीय हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
स्थानीय लोगों की राय लेने की मांग
कांग्रेस ने मांग की कि सरकारी जमीन को लंबी अवधि की लीज पर देने से पहले स्थानीय लोगों की राय ली जाए।
पार्टी ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और क्षेत्रवासियों को पर्यटन से आर्थिक लाभ देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के खिलाफ जनभावनाओं को संगठित किया जाएगा।
लीज प्रक्रिया नहीं रुकी तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी ने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि लीज प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जिले के दूसरे क्षेत्रों तक ले जाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि दुग्गल बिट्टा के बाद फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों को लेकर भी विरोध जारी रहेगा।
इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, अंकुर रौथान, हरीश गुसाईं समेत कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।















Leave a Reply