बेस अस्पताल श्रीनगर को पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
इसी क्रम में रुद्रप्रयाग सेना कैंप से पहुंची दो सदस्यीय टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया।
कर्नल हेमंत दत्त के नेतृत्व में सेना के अधिकारियों ने अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
टीम ने इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, सीटी स्कैन, एमआरआई सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया।

चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों,
जांच सुविधाओं और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
अस्पताल की व्यवस्थाओं को ECHS के निर्धारित मानकों के अनुरूप भी देखा गया।
बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एएन पांडेय ने सेना के अधिकारियों को अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ
सेवाओं और आधुनिक जांच सुविधाओं की जानकारी दी।
उन्होंने उपचार व्यवस्था और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली से भी टीम को अवगत कराया।
पूर्व सैनिकों को स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा उपचार
गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले पूर्व सैनिक लंबे समय से स्थानीय स्तर पर ECHS सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में कई पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
यदि बेस अस्पताल ECHS के पैनल में शामिल होता है, तो पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी समेत आसपास के क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों को राहत मिल सकती है।

अस्पताल को हाल ही में NABH मान्यता भी मिली है।
हालांकि, ECHS पैनल में शामिल करने का अंतिम निर्णय संबंधित प्राधिकरण की प्रक्रिया और स्वीकृति के बाद होगा।
डॉ. पांडेय ने कहा कि सेना की टीम का निरीक्षण इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम है।
पैनल में शामिल होने से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की सुविधा बढ़ेगी।















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