उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की धन्यवाद एवं जन संवाद यात्रा सोमवार को हल्द्वानी पहुंची।
स्वराज आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान रावत ने अपनी यात्रा के उद्देश्य, कांग्रेस हाईकमान की नाराजगी और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कई अहम बातें कहीं।
जनता के बीच पहुंचकर जताया आभार
हरीश रावत ने कहा कि उनकी धन्यवाद एवं जन संवाद यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं निकाली गई है।
वह उत्तराखंड की जनता और देवी-देवताओं का आभार जताने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने उन्हें लंबे समय तक प्यार और सम्मान दिया है।
इसी भावना के साथ वह लोगों के बीच जाकर उनसे संवाद कर रहे हैं और उनका धन्यवाद कर रहे हैं।
रावत ने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग उनसे मिले।
उन्होंने दावा किया कि यात्रा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।
काशीपुर में पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
हल्द्वानी पहुंचने से पहले काशीपुर और नैनीताल क्षेत्र में यात्रा के दौरान पुलिस व्यवस्था को लेकर भी हरीश रावत ने सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि काशीपुर में उनके काफिले को मुख्य मार्ग से जाने की अनुमति नहीं दी गई।
रावत के मुताबिक, उनके कार्यक्रम की जानकारी पहले ही गृह सचिव और मंडलायुक्त को दी गई थी।
इसके बावजूद काफिले की कुछ गाड़ियों को दूसरे मार्ग पर भेज दिया गया। उन्होंने एस्कॉर्ट की व्यवस्था नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों के बजाय कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नैनीताल पुलिस की अपनी गौरवशाली परंपरा रही है और मौजूदा स्थिति उन्हें दुखी करती है।
7 अक्टूबर को वेणुगोपाल से होगी मुलाकात
पार्टी हाईकमान की नाराजगी को लेकर पूछे गए सवाल पर रावत ने कहा कि वह 7 अक्टूबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करेंगे।
इस दौरान वह पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
रावत ने कहा कि पार्टी को उनसे स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार है और वह अपना जवाब देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यात्रा पहले से तय थी, इसलिए इसे अचानक रोकना उचित नहीं लगा।
उन्होंने कहा कि यदि पहले से तय कार्यक्रम को रद्द किया जाता तो इससे यात्रा में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ सकता था।
2027 को लेकर रावत ने किया बदलाव का दावा
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की धरती बदलाव मांग रही है।
उन्होंने कहा कि जन संवाद के दौरान लोगों से मिलकर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को समझने का मौका मिल रहा है।
रावत की धन्यवाद एवं जन संवाद यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, रावत लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यात्रा का मूल उद्देश्य जनता का आभार जताना और उनसे संवाद करना है।















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