‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने के लिए युवा संगम फेज-7 के तहत उत्तराखंड के डेलीगेट्स का दल पश्चिम बंगाल रवाना हुआ।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
13 जिलों के युवा करेंगे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व
युवा संगम के लिए उत्तराखंड के सभी 13 जिलों से प्रतिनिधियों का चयन किया गया है।
राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और प्रमुख शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राएं भी दल में शामिल हैं।
कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने कहा कि युवा संगम केवल अंतरराज्यीय यात्रा नहीं है।
यह देश की सांस्कृतिक विविधता, बंधुत्व और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने गढ़वाल विश्वविद्यालय को एक बार फिर उत्तराखंड के लिए युवा संगम की नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी दी है।
यह विश्वविद्यालय की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

पांच ‘पी’ पर केंद्रित होगी यात्रा
नोडल अधिकारी प्रो. महाबीर सिंह नेगी ने बताया कि यात्रा पांच ‘पी’ पर आधारित है।
इनमें पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क शामिल हैं।
उन्होंने डेलीगेट्स से उत्तराखंड के सांस्कृतिक राजदूत के रूप में व्यवहार करने की अपील की।
कहा कि उनकी यात्रा में देवभूमि की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखनी चाहिए।
कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी ने यात्रा को उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यह दोनों राज्यों के बीच भावनात्मक संबंधों को और मजबूत करेगी।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गोसाईं ने प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की परंपरा और जीवन मूल्यों को सामने रखने की अपेक्षा जताई।
निदेशक प्रो. हरिभजन सिंह चौहान ने छात्रों को शुभकामनाएं दीं।
डीन नियुक्ति प्रो. मोहन सिंह पंवार ने यात्रा के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन युवा संगम समन्वयक डॉ. नरेश ने किया। इस दौरान सहायक नोडल अधिकारी डॉ. कौशल, डॉ. अनुराही, डॉ. नरेंद्र और डॉ. सना रफी सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


















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