सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में आठ राज्यों के 276 एनसीसी कैडेट्स पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
बुधवार, 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया।
साहसिक खेलों की संस्था इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एंड एक्सप्लोरर्स (ICE) इस छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का संचालन कर रही है।
राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर का आयोजन एनसीसी महानिदेशालय, दिल्ली के प्रस्ताव पर उत्तराखंड निदेशालय
की 80वीं वाहिनी पिथौरागढ़ की ओर से किया जा रहा है।
इसमें आठ राज्य निदेशालयों की बालिका कैडेट्स हिस्सा ले रही हैं।
आर्टिफिशियल वॉल क्लाइंबिंग और रैपलिंग का प्रशिक्षण
शिविर का उद्घाटन वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल देवेश सिंह ऐरी ने किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर कैडेट्स को साहसिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करते हैं।
साथ ही जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
उन्होंने कैडेट्स को निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों में बटालियन की ओर से नियुक्त प्रशिक्षकों की देखरेख में ही हिस्सा लें और उनके निर्देशों का पालन करें।

छह दिनों तक चलने वाले शिविर में ICE क्लब के प्रशिक्षक बासु पांडेय के नेतृत्व में
कैडेट्स को आर्टिफिशियल वॉल क्लाइंबिंग, जुमारिंग और रैपलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पहले सैद्धांतिक जानकारी दी जाएगी, इसके बाद व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल गतिविधियां भी होंगी
प्रशिक्षण के साथ शिविर में कैडेट्स के बीच टग ऑफ वॉर और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इससे विभिन्न राज्यों से आए कैडेट्स को आपसी मेलजोल और अपनी संस्कृति साझा करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार, इससे पहले इन्हीं आठ राज्य निदेशालयों के बालक वर्ग का राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर भी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।
कार्यक्रम में बटालियन की प्रशासनिक अधिकारी मेजर संध्या सिंह, सूबेदार मेजर ऑनरेरी लेफ्टिनेंट गंगा सिंह,
एनसीसी अधिकारी सुनीता, रेखा चौहान, चंद्रिका बेन, श्रुति शर्मा और किमी शर्मा सहित बटालियन के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
ICE क्लब की नैना बिष्ट, हिमांशी खर्कवाल, गीता उप्रेती, पवन कुमार और एवरेस्ट विजेता मनीष कसनियाल भी उपस्थित रहे।

















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