उर्मिला सनावर को भी नोटिस
वायरल ऑडियो विवाद के बीच सीबीआई की जांच तेज, पूर्व विधायक ने ऑडियो को बताया एआई से बनी फर्जी क्लिप
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी विवाद में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ ने नार्को टेस्ट कराने के लिए लिखित सहमति दे दी है।
शुक्रवार को वह देहरादून की अदालत पहुंचे और मीडिया को अपना सहमति पत्र दिखाया।
उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात कही, जबकि वायरल ऑडियो क्लिप को एआई से तैयार फर्जी रिकॉर्डिंग बताया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सीबीआई की अदालत ने नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की सहमति से जुड़ी प्रक्रिया के
लिए अभिनेत्री उर्मिला सनावर को भी नोटिस जारी किया है।
उन्हें 23 अक्टूबर को अदालत में पेश होकर यह स्पष्ट करना था कि वह इन परीक्षणों के लिए स्वेच्छा से तैयार हैं या नहीं।
सीबीआई ने तीन घंटे की थी पूछताछ
इससे पहले 17 अक्टूबर को सीबीआई की टीम ने हरिद्वार में सुरेश राठौड़ से पूछताछ की थी।
बीएचईएल स्थित शिवालिक गेस्ट हाउस में करीब तीन घंटे तक सवाल-जवाब हुए।
यह कार्रवाई सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर के बीच बातचीत की कथित वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े विवाद के सिलसिले में हुई।
ऑडियो में अंकिता मामले से जुड़े कथित वीआईपी का जिक्र होने के दावे के बाद विवाद बढ़ा था।
राठौड़ ने इस रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अंकिता के माता-पिता ने भी उठाई जांच की मांग
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दिल्ली में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की मांग की थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सुरेश राठौड़ और उर्मिला सनावर के नार्को टेस्ट की मांग भी उठाई थी।
नार्को टेस्ट के लिए सहमति दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि परीक्षण हो चुका है।
इसकी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताएं अलग हैं। अब जांच में कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े दावों की पड़ताल अहम रहेगी।















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